मुंबई के पुलों और फ्लाईओवरों की डिजाइन खामियां रोकने के लिए BMC ने बनाया 29 विशेषज्ञों का पैनल
Mumbai BMC Bridge Planning Panel: गोखले और मृणालताई गोरे ब्रिज की तकनीकी गलतियों के बाद BMC ने 29 सलाहकारों का 5 साल के लिए पैनल बनाया है, जो पुलों और सुरंगों की डिजाइन और काम की निगरानी करेंगे।
- Written By: रूपम सिंह
गोखले और विक्रोली ब्रिज (सोर्सः सोेशल मीडिया)
Mumbai Bridge Expert Panel: मुंबई के गोखले पुल के आपस में मेल न खाने वाले हिस्सों, मृणालताई गोरे पुल की खुरदरी सड़क और विक्रोली रेलवे पुल पर योजना के अभाव जैसी लगातार सामने आई तकनीकी गलतियों और तीखी आलोचनाओं के बाद बीएमसी जाग गई है। भविष्य की परियोजनाओं में डिजाइन की खामियों और योजना में लापरवाही को रोकने के लिए बीएमसी ने बड़ा निर्णय लिया है।
शहर के प्रमुख पुलों, फ्लाईओवरों और सुरंगों के वैज्ञानिक नियोजन, डिजाइन और प्रत्यक्ष निगरानी के लिए 29 तकनीकी सलाहकारों का पांच वर्ष के लिए पैनल नियुक्त करने का प्रस्ताव मंजूरी के लिए स्थायी समिति के समक्ष रखा गया है। इस प्रस्ताव को लेकर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष की तरफ से प्रशासन को घेरने की संभावना है।
पिछले कुछ महीनों में मुंबई की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को लेकर बीएमसी को विभिन्न स्तरों पर आलोचना का सामना करना पड़ा। गोरेगांव स्थित मृणालताई गोरे फ्लाईओवर की अनुपयुक्त सड़क सतह के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई। वहीं, विक्रोली रेलवे फ्लाईओवर के उद्घाटन के बाद भी वहां केंद्रीय डिवाइडर और पैदल यात्रियों के लिए पर्याप्त जगह नहीं होने की बात सामने आई थी। विशेष रूप से फरवरी 2024 में अंधेरी स्थित गोपालकृष्ण
सम्बंधित ख़बरें
कम यात्रियों के कारण इंडिगो का बड़ा फैसला, नवी मुंबई से हटाकर मुंबई एयरपोर्ट शिफ्ट हुई हुबली फ्लाइट
ठाणे में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई अजित पवार की जयंती, सरकारी कार्यालय से लेकर सड़कों तक उमड़ा जनसैलाब
नागपुर MIDC का बड़ा कदम: बंद पड़े 39 औद्योगिक प्लॉट वापस लिए गए, मिलाप पोर्टल के जरिए नए उद्यमियों को मिलेंगे
नागपुर PWD में करोड़ों का टेंडर घोटाला: विकास ठाकरे की शिकायत पर PWD मंत्री ने दिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश
गोखले पुल के पुनर्निर्माण के दौरान इसके दो हिस्सों के आपस में नहीं जुड़ पाने के कारण बीएमसी के कामकाज पर सवाल उठे थे। इस पृष्ठभूमि में यह नया निर्णय काफी महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है। इस कार्य के लिए मुख्य अभियंता, पुल विभाग के पास कुल 31 कंपनियों ने आवेदन किया था। तकनीकी क्षमता और अनुभव की जांच के बाद इनमें से 29 कंपनियों का चयन किया गया है।
यह भी पढ़ें:- मुंबई में CJP के समर्थन में उतरी मनसे, राज ठाकरे ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
सलाहकार शुल्क 3.5 करोड़
इनमें ‘टाटा कंसल्टेंसी इंजीनियर्स’, ‘स्पेक्ट्रम टेक्नो कंसल्टेंट्स’ और ‘ग्रीन डिजाइन एंड इंजीनियरिंग सर्विसेज’ जैसी प्रतिष्ठित संस्थाएं शामिल हैं। ये सलाहकार वास्तविक काम शुरू होने से पहले ही तकनीकी चुनौतियों की पहचान कर उनके समाधान सुझाएंगे। इसके अलावा, सलाहकारों के काम पर नियंत्रण रखने के लिए बीएमसी ने दंडात्मक प्रावधान भी किए है। अधिकांश परियोजनाओं के लिए सलाहकार शुल्क अधिकतम 3।5 करोड़ रुपये तक सीमित रखा गया है।
