महाराष्ट्र MLC चुनाव, 10 सीटों का रण, भाजपा के 6 उम्मीदवारों पर दिल्ली से लगेगी अंतिम मुहर

BJP MLC Candidate: महाराष्ट्र Vidhan Parishad की 10 सीटों के लिए चुनाव में भाजपा ने 30 संभावितों की सूची दिल्ली भेजी है। कोर कमिटी की बैठक में फैसला हुआ चुनाव हारे दिग्गजों का नहीं होगा कमबैक ।
Maharashtra MLC Elections: The Battle for 10 Seats Delhi to Give Final Approval to BJP's 6 Candidates.
देवेंद्र फडणवीस (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Maharashtra Vidhan Parishad Election: महाराष्ट्र विधान परिषद (Vidhan Parishad) की 10 सीटों के लिए होने वाले आगामी चुनाव ने राज्य की राजनीति में सरगर्मी बढ़ा दी है। इन 10 सीटों में से 6 सीटें भाजपा के खाते में जाने की प्रबल संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, महाराष्ट्र भाजपा कोर कमिटी ने संभावित उम्मीदवारों के 30 नामों की एक सूची केंद्रीय नेतृत्व (दिल्ली) को भेज दी है। हालांकि, चर्चा यह भी है कि दिल्ली का आलाकमान हमेशा की तरह इस बार भी कुछ 'सरप्राइज' नाम देकर चौंका सकता है।

चुनाव हारने वालों के लिए नो एंट्री

इस बार भाजपा की रणनीति काफी बदली हुई नजर आ रही है। कोर कमिटी की बैठक में यह स्पष्ट किया गया है कि जो नेता हालिया लोकसभा या विधानसभा चुनाव हार चुके हैं, उन्हें विधान परिषद के जरिए 'पिछले दरवाजे' से सदन में भेजने का विचार नहीं है। एक वरिष्ठ नेता ने निजी तौर पर कहा कि जो लोग जनता के बीच अपनी पैठ खो चुके हैं, उनका राजनीतिक पुनर्वास करना संगठन के लिए सही संदेश नहीं होगा। इसके बजाय, संगठन के समर्पित कार्यकर्ताओं और नए चेहरों को मौका देने पर सहमति बनी है।

संभावित नामों की लंबी फेहरिस्त

दिल्ली भेजी गई 30 नामों की सूची में कुछ प्रमुख नाम शामिल हैं जैसे माधवी नाईक, दयाशंकर तिवारी, डॉ. उपेंद्र कोठेकर, मनोज कोटक, केशव उपाध्ये, रवी अनासपुरे, राजेश पांडे, राम सातपुते, रणजितसिंह निंबाळकर, संजय काका पाटील, विवेक कोल्हे, जगदीश मुळीक, प्रमोद जठार, संजय केणेकर, अर्चना पाटील चाकूरकर, दादाराव केचे, संजय भेंडे, संदीप जोशी, इनमें से 6 सीटों के लिए चयन होना है, जिसमें से कम से कम 3 नाम राज्य इकाई के सुझावों से और बाकी दिल्ली के निर्देशानुसार तय हो सकते हैं।

सहयोगी दलों और महाविकास अघाड़ी का समीकरण

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पास 2 सीटें जाने की संभावना है। शिंदे भी राज्यसभा की तरह यहाँ भी किसी सरप्राइज का इस्तेमाल कर सकते हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार) में सुनेत्रा पवार किसे मौका देती हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं। विपक्ष के पास एक सीट सुरक्षित रूप से जीतने का कोटा है, जहाँ उद्धव ठाकरे के नाम की चर्चा जोरों पर है। प्रज्ञा सातव के इस्तीफे से खाली हुई एक सीट पर भाजपा खुद प्रज्ञा सातव को ही मौका देकर चौंका सकती है।

जातीय समीकरणों पर फोकस

आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा इस बार विधान परिषद के जरिए जातीय संतुलन साधने की कोशिश में है। मराठा आरक्षण आंदोलन और ओबीसी राजनीति के बीच, पार्टी ऐसे उम्मीदवारों को चुनना चाहती है जो अपने-अपने समुदायों में पकड़ रखते हों और आने वाले चुनावों में पार्टी के लिए 'वोट बैंक' मजबूत कर सकें।

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