Navi Mumbai: महाराष्ट्र महायुति में घमासान, गणेश नाईक के ‘अस्तित्व’ वाले बयान पर भड़की शिवसेना
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में बीजेपी नेता गणेश नाईक और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच पुराना विवाद अब जुबानी जंग में बदल गया है। संजय शिरसाट ने गणेश नाईक को खुली चेतावनी दी है।
- Written By: अपूर्वा नायक
संजय शिरसाट और गणेश नाईक (सौ. डिजाइन फोटो )
Sanjay Shirsat On Ganesh Naik: बीजेपी नेता का विवादित बयान और चेतावनी महाराष्ट्र के वन मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता गणेश नाईककी एक हालिया टिप्पणी ने राज्य की राजनीति में खलबली मचा दी है।
नाईक ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को निशाना बनाते हुए कथित तौर पर कहा कि यदि भाजपा अनुमति दे, तो वे शिंदे का ‘अस्तित्व खत्म’ कर सकते हैं। यह टिप्पणी रविवार को की गई थी, जिसे शिंदे के साथ उनकी पुरानी प्रतिद्वंद्विता से जोड़कर देखा जा रहा है।
शिवसेना का तीखा पलटवार
‘बीजेपी हमारी वजह से सत्ता में’ नाईक के इस बयान पर शिवसेना के मंत्रियों ने कड़ी आपत्ति जताई है। सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट ने छत्रपति संभाजीनगर में पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा आज सत्ता में केवल इसलिए है क्योंकि शिंदे ने 2022 में अविभाजित शिवसेना के खिलाफ विद्रोह किया था।
सम्बंधित ख़बरें
शरद पवार डिनर डिप्लोमेसी; सियासी कड़वाहट के बीच मोदी बाग में इकट्ठा होगा पूरा परिवार, सुनेत्रा भी होंगी शामिल!
पहले मंत्री बनाओ, फिर करेंगे विलय, बच्चू कडू की पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शिंदे के ऑफर पर दिया नया फॉर्मूला
Navi Mumbai International Airport से अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स में देरी, अब 15 मई से शुरू होने की उम्मीद
ठाणे में महायुति में टकराव तेज, बीजेपी विधायक नरेंद्र मेहता ने प्रताप सरनाईक पर लगाया भूमि कब्जे का आरोप
उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, “शिंदे नवी मुंबई की पहाड़ियां या रेत नहीं हैं जिन्हें खत्म किया जा सके। हम वो हैं जो साहस के साथ खड़े हैं।” शिरसाट ने यह भी साफ किया कि वे इस मामले को उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने उठाएंगे।
पुराने प्रतिद्वंद्वी और राजनीतिक गढ़ की लड़ाई गणेश नाईकऔर एकनाथ शिंदे के बीच राजनीतिक रंजिश दशकों पुरानी है। नाईकका नवी मुंबई पर ढाई दशकों से अधिक समय तक नियंत्रण रहा है, जबकि ठाणे और पालघर क्षेत्र शिंदे का गढ़ माना जाता है।
हाल ही में नवी मुंबई महानगर पालिका (NMMC) के चुनाव भी दोनों दलों ने सीट बंटवारे पर सहमति न बनने के कारण अलग-अलग लड़े थे। नाईकवर्तमान में पालघर के संरक्षक मंत्री हैं, जो पहले अविभाजित ठाणे जिले का हिस्सा था।
ये भी पढ़ें :- Mumbai: चुनाव जीत के बाद माहिम में अनधिकृत जुलूस, पुलिस ने 40 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया
गठबंधन धर्म और आगे की राह शिवसेना के अन्य नेताओं ने भी इस बयान की निंदा की है। पर्यटन मंत्री शंभूराज देसाई ने कहा कि यदि पार्टी अनुमति देती है, तो वे भी ‘उचित जवाब’ देने के लिए तैयार हैं। वहीं परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईकने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री खुद ऐसी टिप्पणियों का जवाब देने में सक्षम हैं। महायुति गठबंधन, जिसमें भाजपा, शिंदे की शिवसेना और अजीत पवार की राकांपा शामिल हैं, के लिए यह आंतरिक विवाद आने वाले समय में बड़ी चुनौती बन सकता है।
