भिवंडी में आतकोली में अवैध पत्थर खनन से ₹12 हजार करोड़ की रॉयल्टी चोरी, एनसीपी ने की एफआईआर दर्ज करने की मांग

Bhiwandi Illegal Stone Mining: भिवंडी के आतकोली में अवैध खनन से ₹12,000 करोड़ की रॉयल्टी चोरी का आरोप लगा है। NCP नेता मनोज प्रधान ने जिलाधिकारी से खदान माफिया के खिलाफ FIR की मांग की है।
Bhiwandi ₹12,000 crore royalty evasion due to illegal stone mining in Atkoli
भिवंडी अवैध पत्थर खनन सोर्स- सोशल मीडिया
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Thane Municipal Corporation: ठाणे जिले के भिवंडी तहसील अंतर्गत आतकोली क्षेत्र में कथित अवैध पत्थर खनन को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने गंभीर सवाल उठाए हैं। NCP के ठाणे शहर जिला अध्यक्ष मनोज प्रधान ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में कई वर्षों से चल रहे अवैध खनन के कारण सरकारी खजाने को करीब 12 हजार करोड़ रुपये की रॉयल्टी का नुकसान हुआ है। उन्होंने मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

जिलाधिकारी से मिलकर सौंपा ज्ञापन

मनोज प्रधान ने सोमवार को ठाणे के जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने आतकोली क्षेत्र में कथित तौर पर संचालित अवैध पत्थर खदानों और गौण खनिजों की चोरी का मुद्दा उठाया। प्रधान ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर खनन गतिविधियों की जांच और कथित खनन माफियाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। प्रधान के अनुसार, उन्होंने पिछले सप्ताह आतकोली क्षेत्र का दौरा किया था। इस दौरान उन्हें वहां बड़े पैमाने पर पत्थर खनन किए जाने की जानकारी मिली। उनका दावा है कि खनन गतिविधियों के चलते इलाके में काफी गहराई तक खुदाई की गई है।

84 एकड़ से अधिक जमीन पर खनन का दावा

ज्ञापन में दावा किया गया है कि आतकोली मौजे में करीब 34 हेक्टेयर यानी 84.2 एकड़ जमीन है, जो वर्ष 2024 में ठाणे महानगरपालिका के कब्जे में आई थी। इसके बावजूद इस भूखंड पर कथित तौर पर पत्थर खदानें सक्रिय हैं।

मनोज प्रधान का आरोप है कि पिछले कुछ महीनों में जमीन के कुछ हिस्सों में करीब 30 फीट तक खुदाई की गई है। उनके मुताबिक, खनन से निकाले गए पत्थर और गौण खनिज की मात्रा का आधिकारिक आकलन किया जाना चाहिए।

12 हजार करोड़ की रॉयल्टी चोरी का आरोप

प्रधान ने दावा किया है कि प्रति एकड़ बड़े पैमाने पर पत्थर निकाले जाने के कारण सरकारी रॉयल्टी की भारी रकम बकाया हो सकती है। उन्होंने अनुमान के आधार पर करीब 12 हजार करोड़ रुपये की रॉयल्टी सरकारी खजाने में जमा नहीं होने का आरोप लगाया है।

हालांकि, रॉयल्टी चोरी की वास्तविक राशि और खनन की मात्रा का निर्धारण संबंधित सरकारी विभाग की आधिकारिक जांच और माप-जोख के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

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अवैध विस्फोटक भंडारण पर भी सवाल

मनोज प्रधान ने पत्थर खदानों में कथित तौर पर गैरकानूनी तरीके से विस्फोटकों के भंडारण का मुद्दा भी उठाया है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया गया तो गंभीर हादसा हो सकता है। उन्होंने इस स्थिति को लेकर प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है।

अब प्रशासन की जांच में यह स्पष्ट होगा कि आतकोली क्षेत्र में खनन गतिविधियां किसकी अनुमति से चल रही थीं, कितनी मात्रा में खनिज निकाला गया और रॉयल्टी के संबंध में वास्तव में कितना नुकसान हुआ है।

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