भांडुप स्टेशन पर रिक्शा की एंट्री बैन: बस हादसे के बाद प्रशासन सख्त, अब नियम तोड़ा तो लगेगा 1500 जुर्माना

Mumbai News: भांडुप स्टेशन रोड पर भीषण बस हादसे के बाद प्रशासन ने रिक्शा के प्रवेश पर रोक लगा दी है। ट्रैफिक जाम कम करने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए अब भारी जुर्माना वसूला जाएगा।
Bhandup Auto Rickshaw Ban
ऑटो रिक्शा (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Bhandup Auto Rickshaw Ban: मुंबई के भांडुप रेलवे स्टेशन के बाहर होने वाली बेतहाशा भीड़ और ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए प्रशासन ने अब तक का सबसे सख्त कदम उठाया है। पिछले दिनों भांडुप स्टेशन रोड पर हुए दर्दनाक बेस्ट (BEST) बस हादसे से सबक लेते हुए, अब स्टेशन परिसर के ठीक बाहर रिक्शा के प्रवेश को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।

हादसे के बाद जागा प्रशासन

दिसंबर महीने में भांडुप स्टेशन रोड पर एक अनियंत्रित बस की चपेट में आने से तीन महिलाओं और एक पुरुष समेत 4 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 9 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस घटना ने स्टेशन इलाके की बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था और अवैध फेरीवालों के कब्जे को उजागर कर दिया था। स्थानीय नागरिकों के बढ़ते गुस्से और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए अब पुलिस और नगर निगम (BMC) ने मिलकर यह नया ट्रैफिक प्लान लागू किया है।

नियम का उल्लंघन किया तो लगेगा 1,500 का जुर्माना

नए नियमों के अनुसार, भांडुप (पश्चिम) स्टेशन की ओर जाने वाली सड़क पर एक निश्चित दूरी पर एक सफेद लाइन (लक्ष्मण रेखा) खींची गई है। कोई भी ऑटो-रिक्शा अब इस लाइन को पार करके स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार तक नहीं जा सकेगा। यदि कोई रिक्शा चालक इस नियम का उल्लंघन करता है या लाइन पार करने की कोशिश करता है, तो उस पर 1,500 रुपये का भारी जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही प्रशासन ने चेतावनी दी है कि बार-बार नियम तोड़ने वालों के लाइसेंस भी रद्द किए जा सकते हैं।

फेरीवालों पर भी चला हंटर

हादसे से पहले स्टेशन रोड पर अवैध फेरीवालों का बोलबाला था, जिससे पैदल चलने वालों के लिए जगह ही नहीं बचती थी। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए सड़कों को खाली कराया है। हालांकि रिक्शा चालकों की मनमानी एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी, लेकिन ताजा पाबंदी के बाद स्थिति में काफी सुधार देखा जा रहा है।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

स्थानीय यात्रियों का कहना है कि हालांकि अब उन्हें स्टेशन तक पहुंचने के लिए थोड़ा पैदल चलना पड़ता है, लेकिन ट्रैफिक जाम से मिलने वाली राहत और सुरक्षा के लिहाज से यह एक सराहनीय कदम है। अब बस और अन्य आपातकालीन वाहनों के लिए सड़क पर पर्याप्त जगह उपलब्ध है।

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