Bhandup Minor Murder Case (फोटो क्रेडिट-X)
Juvenile Crime Bhandup Police: मुंबई के भांडुप इलाके में एक 14 वर्षीय छात्र की हत्या की दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस हत्या को किसी और ने नहीं, बल्कि सिद्धार्थ (मृतक) के ही तीन नाबालिग दोस्तों ने अंजाम दिया। पुलिस जांच में जो वजह सामने आई है, उसने समाज और प्रशासन दोनों को हैरान कर दिया है, आरोपियों के अनुसार, सिद्धार्थ उन्हें “घमंडी” लगता था और वे उसे “सबक” सिखाना चाहते थे।
यह घटना किशोरों में बढ़ते हिंसक व्यवहार और छोटी-सी बात पर जघन्य अपराध करने की प्रवृत्ति पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
तुलशेत पाड़ा का रहने वाला 8वीं कक्षा का छात्र सिद्धार्थ 22 फरवरी को दोपहर 3 बजे घर से खेलने के लिए निकला था। जब वह रात तक नहीं लौटा, तो परिजनों ने अनहोनी की आशंका में भांडुप पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। चूंकि मामला नाबालिग का था, पुलिस ने तुरंत अपहरण (Kidnapping) का मामला दर्ज कर तलाश शुरू की। अगले दिन विहार झील के पास सिद्धार्थ की टी-शर्ट और चप्पलें मिलने से पुलिस का शक गहरा गया और शाम को झील से उसका शव बरामद किया गया।
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शुरुआत में ऐसा लगा कि सिद्धार्थ की मौत झील में डूबने से हुई है, इसलिए मुंबई पुलिस ने एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) दर्ज की। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने कहानी पलट दी। रिपोर्ट में शरीर पर संघर्ष और चोट के निशान पाए गए। पुलिस ने जब सिद्धार्थ के दोस्तों से पूछताछ की, तो उन्होंने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। लेकिन सीसीटीवी फुटेज और अलग-अलग पूछताछ में उनके बयानों के अंतर्विरोध ने सारा राज खोल दिया। आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने जानबूझकर सिद्धार्थ को झील के पास बुलाया और हमला करने के बाद उसे पानी में फेंक दिया ताकि वह दुर्घटना लगे।
भांडुप पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए तीन नाबालिगों में से एक सिद्धार्थ का क्लासमेट था। पूछताछ में उन्होंने बताया कि सिद्धार्थ का व्यवहार उन्हें अहंकारी लगता था, जिससे वे काफी समय से परेशान थे। इसी “घमंड” को खत्म करने के लिए उन्होंने हत्या की खौफनाक साजिश रची। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस वारदात के पीछे कोई और पुरानी दुश्मनी या किसी बड़े का हाथ तो नहीं था। फिलहाल तीनों आरोपियों को बाल सुधार गृह भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।