

Highlights
भांडुप परिमंडल में अप्रैल 2026 से अब तक बिजली चोरी के 2,285 मामले उजागर हुए।
करीब 37.6 लाख यूनिट बिजली की चोरी का आकलन किया गया।
बिजली चोरी की कुल आकलित राशि 10.07 करोड़ रुपये बताई गई।
1,494 ग्राहकों से 7.06 करोड़ रुपये की वसूली की गई।
185 ग्राहकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई।
Mumbai Electricity Theft News: मुंबई बिजली चोरी कर महावितरण को करोड़ों रुपये का चूना लगाने वालों के खिलाफ भांडुप परिमंडल में बड़ी कार्रवाई की गई है। अप्रैल 2026 से अब तक चलाए गए विशेष अभियान में बिजली चोरी के 2,285 मामले उजागर हुए हैं।
इन मामलों में करीब 37.6 लाख यूनिट बिजली की चोरी सामने आई, जिसकी कुल आकलित राशि 10 करोड़ 7 लाख रुपये है। महावितरण ने इनमें से 1,494 ग्राहकों से 7 करोड़ 6 लाख रुपये की वसूली की है, जबकि 185 ग्राहकों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।
मुख्य अभियंता संजय पाटील के मार्गदर्शन में तीनों मंडलों के अधीक्षण अभियंताओं दीपक पाटील, धनराज बिक्कड और लक्ष्मण काकडे ने विशेष टीमें गठित कर कार्रवाई की योजना बनाई। महावितरण के भांडुप परिमंडल में बिजली चोरी और अनधिकृत इस्तेमाल पर लगाम लगाने के लिए विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135 के तहत यह अभियान तेज किया गया है।
आंकड़ों के मुताबिक, ठाणे मंडल में 1.80 करोड़ रुपये की राशि से जुड़े 435 मामले सामने आए। पेण मंडल में 3.39 करोड़ रुपये की बिजली चोरी के 1,079 मामले पकड़े गए, जबकि वाशी मंडल में 4.87 करोड़ रुपये की राशि से जुड़े 771 मामले उजागर हुए। इस तरह तीनों मंडलों में कुल 10.07 करोड़ रुपये की बिजली चोरी का खुलासा हुआ है।
महावितरण प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी करते पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बकाया राशि की वसूली के साथ दोषियों पर कानूनी शिकंजा कसने पर भी जोर दिया जा रहा है। भांडुप परिमंडल के मुख्य अभियंता संजय पाटील ने कहा कि बिजली चोरी विरोधी अभियान लगातार जारी रहेगा।
उन्होंने उपभोक्ताओं से अनधिकृत तरीके से बिजली का इस्तेमाल नहीं करने और केवल वैध बिजली कनेक्शन के जरिए ही बिजली उपयोग करने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।