BEST हड़ताल से फीका पड़ा सार्वजनिक परिवहन सर्विस, कुर्ला-बीकेसी मार्ग पर यात्रियों से वसूला गया मनमाना किराया
BEST Strike Impacts: बेस्ट हड़ताल के कारण सार्वजनिक परिवहन दिवस फीका रहा। कुर्ला-बीकेसी मार्ग पर यात्रियों से अधिक किराया वसूला गया, जबकि ऐप आधारित सेवाओं के किरायों में भी बड़ा अंतर दिखा।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
बेस्ट की हड़ताल (सोर्स: फाइल फोटो)
BEST Strike Impacts Public Transport: बेस्ट कर्मचारियों की हड़ताल के बीच लगातार दूसरे शुक्रवार को मनाया गया सार्वजनिक परिवहन दिवस अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ सका। बस सेवाएं प्रभावित रहने से बड़ी संख्या में यात्रियों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा। इसका फायदा उठाते हुए कुर्ला स्टेशन से बीकेसी जाने वाले मार्ग पर कई रिक्शा चालकों द्वारा यात्रियों से मनमाना किराया वसूले जाने की शिकायतें सामने आईं। इसी के साथ ही ऐप आधारित सेवाओं के किराए में भी अंतर दिखे। इतना ही नहीं सभी के किराए रोज की तुलना में बढ़े दिखे।
आम दिनों में कुर्ला से बीकेसी तक शेयर रिक्शा का किराया करीब 30 रुपए होता है, लेकिन हड़ताल और सार्वजनिक परिवहन दिवस के चलते बढ़ी मांग का लाभ उठाकर कई रिक्शा चालकों ने यात्रियों से 50 से 70 रुपए तक वसूले। इससे कार्यालय आने-जाने वाले कर्मचारियों और दैनिक यात्रियों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ा। शाम करीब साढ़े पांच बजे के पीक ऑवर में ऐप आधारित परिवहन सेवाओं के किरायों में भी उल्लेखनीय अंतर देखने को मिला।
ओला ऐप पर कुर्ला स्टेशन से बीकेसी तक ऑटो रिक्शा का किराया 102 रुपए दर्शाया गया, जबकि कैब का किराया 260 से 466 रुपए के बीच दिखाई दे रहा था। उबर ऐप पर रियायत के बाद ऑटो का किराया 41.41 रुपए दिखाया गया, जबकि कैब का किराया 149 से 214 रुपए के बीच था। वहीं रैपिडो ऐप पर ऑटो रिक्शा का किराया 116 रुपए और कैब का किराया 142 से 235 रुपए तक प्रदर्शित किया गया।
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सुबह के समय भी किरायों में दिखा अंतर
सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे भी विभिन्न ऐप्स पर किरायों में उल्लेखनीय अंतर दर्ज किया गया। ओला ऐप पर ऑटो रिक्शा का किराया 124 रुपए और कैब का किराया 338 रुपए दिखाया गया। उबर पर रियायती दर के बाद ऑटो का किराया 25.60 रुपए तथा कार का किराया 119 से 171 रुपए के बीच था। वहीं रैपिडो ऐप पर ऑटो रिक्शा का किराया 91 रुपए दर्ज किया गया, जबकि कैब का किराया 153 से 240 रुपए तक दिखाई दे रहा था।
यात्रियों की बढ़ी परेशानी
बेस्ट हड़ताल के कारण बस सेवाएं प्रभावित होने से यात्रियों की निर्भरता ऑटो, टैक्सी और ऐप आधारित परिवहन सेवाओं पर बढ़ गई है। ऐसे में शेयर रिक्शा चालकों द्वारा अधिक किराया वसूले जाने और विभिन्न ऐप्स पर किरायों में बड़े अंतर ने यात्रियों की परेशानी और बढ़ा दी है। यात्रियों का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में उन्हें मजबूरी में अधिक किराया चुकाकर सफर करना पड़ रहा है।
बेस्ट हड़ताल से फीका पड़ा बीकेसी का सार्वजनिक परिवहन दिवस
बीकेसी में शुक्रवार सार्वजनिक परिवहन दिवस को लेकर MMRDA की ओर से किए गए दावों और अपीलों पर BEST कर्मचारियों की हड़ताल का असर दिखाई दिया। पिछले सप्ताह आयोजित सार्वजनिक परिवहन दिवस के दौरान सिटीफ्लो मेट्रो फीडर सेवाओं के यात्रियों की संख्या में 154 प्रतिशत वृद्धि, चलो बस सेवाओं में 5.1 प्रतिशत बढ़ोतरी, यातायात जाम में 30 प्रतिशत कमी और ईंधन बिक्री में 10 प्रतिशत गिरावट दर्ज होने का दावा किया गया था।
MMRDA ने इसे नागरिकों की बदलती यात्रा आदतों और सार्वजनिक परिवहन के प्रति बढ़ते रुझान का परिणाम बताया था। इसी क्रम में अतिरिक्त महानगर आयुक्त-1 विक्रम कुमार के मार्गदर्शन में दूसरे शुक्रवार के लिए व्यापक तैयारियां भी की गई थीं।
संस्था ने कर्मचारियों, संस्थानों और आगंतुकों से मेट्रो, बस, उपनगरीय रेल और साझा परिवहन का उपयोग करने की अपील की थी। हालांकि, बेस्ट हड़ताल के कारण सार्वजनिक परिवहन दिवस का अपेक्षित प्रभाव नहीं दिखा। बस सेवाएं प्रभावित रहने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और बड़ी संख्या में लोगों को वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ा।
