

Mumbai BEST Bus Depot Modernization Plan: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बेस्ट के सर्वांगीण पुनरुद्धार के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि मुंबई शहर के विकास के लिए बनने वाले इस प्लान में नागरिकों का हित, कर्मचारियों का कल्याण और शहर का दीर्घकालीन विकास ही केंद्र बिंदु होना चाहिए। उन्होंने वर्षा निवासस्थान पर आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में सभी संबंधित विभागों को पूरी पारदर्शिता और समन्वय के साथ काम करते हुए इस प्रस्ताव को जल्द से जल्द शासन के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए कहा है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बैठक में साफ तौर पर निर्देश दिए कि इस विकास प्रक्रिया के तहत बेस्ट की मालिकाना हक वाली जमीनों को बिलकुल भी बेचा नहीं जाएगा। इसके बजाय सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) और दीर्घकालीन लीज मॉडल के आधार पर वित्तीय भागीदारों की मदद से इन जगहों का विकास किया जाएगा। जमीन का स्वामित्व बेस्ट के पास ही सुरक्षित रहेगी। इस योजना के तहत डिपो परिसरों का विकास दो चरणों में किया जाएगा और भविष्य में बसों के बेड़े को भी चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जाएगा।
इस पुनर्विकास का मुख्य उद्देश्य केवल व्यावसायिक उपयोग नहीं बल्कि मुंबईकरों को सामाजिक सुविधाएं देना है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बस डिपो परिसरों में संग्रहालय, खेल सुविधाएं, सांस्कृतिक गतिविधियां और मराठी फिल्मों के लिए 300 से 400 क्षमता वाले विशेष सिनेमाघर बनाने पर विचार किया जाए। इसके साथ ही बेस्ट कर्मचारियों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए आधुनिक आवासीय परिसरों का निर्माण भी किया जाएगा।
बेस्ट की महाप्रबंधक डॉ. सोनिया सेठी ने बैठक में बताया कि मुंबई के 132 एकड़ क्षेत्र में फैले 22 बस डिपो का सिंगापुर, पेरिस, हांगकांग और लंदन की तर्ज पर आधुनिकीकरण किया जाएगा। इसके तहत DBFOT पद्धति से 7,000 नई बसें, स्मार्ट ईवी चार्जिंग, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और सार्वजनिक पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी।
मुंबई में ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दहिसर, मानखुर्द, मुलुंड और ऐरोली जैसे चेक नाकों को बड़े ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए हैं। यहां बाहरी बसों के लिए पार्किंग और यात्रियों के लिए सुविधाएं बनाई जाएंगी, ताकि निजी बसों को मुंबई शहर के भीतर न लाना पड़े।