

Mumbai Municipal Corporation BEST Bus Strike: बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बेस्ट) उपक्रम के कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार और मुंबई महानगरपालिका प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बेस्ट संयुक्त कामगार कार्रवाई समिति ने चेतावनी दी है कि यदि 18 जून तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 18 जून की रात से बेस्ट के वर्तमान, सेवानिवृत्त तथा वेटिंग लिस्ट के कर्मचारी बेमियादी हड़ताल पर चले जाएंगे। समिति ने कहा है कि हड़ताल के कारण मुंबईकरों को होने वाली किसी भी असुविधा के लिए राज्य सरकार और मनपा प्रशासन जिम्मेदार होंगे।
मंगलवार को आयोजित एक बैठक के बाद समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि कर्मचारियों की विभिन्न मांगें लंबे समय से लंबित हैं। इन मांगों को लेकर कई बार सरकार और प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है। समिति का आरोप है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विभिन्न मंचों पर कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन इन आश्वासनों को अभी तक अमलीजामा नहीं पहनाया गया है।
समिति के नेताओं का कहना है कि बेस्ट उपक्रम आर्थिक और प्रशासनिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिसका असर कर्मचारियों पर भी पड़ रहा है। कर्मचारियों के वेतन, सेवा शर्तों, सेवानिवृत्त कर्मियों के लाभ तथा अन्य लंबित मुद्दों पर तत्काल निर्णय लेने की आवश्यकता है। उनका कहना है कि बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद मांगों का समाधान नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है।
कार्रवाई समिति ने बताया कि 8 जून को राज्य सरकार को अंतिम पत्र भेजकर मांगों के संबंध में शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया गया था। इसके बावजूद अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई है। ऐसे में कर्मचारियों के पास आंदोलन का रास्ता अपनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि मुंबई महानगरपालिका अधिनियम के अनुसार बेस्ट उपक्रम की संपूर्ण जिम्मेदारी मुंबई महानगरपालिका की है। इसलिए कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए मनपा प्रशासन को आगे आना चाहिए। समिति ने सरकार और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर कर्मचारियों की मांगों का समाधान निकालने की अपील की है, ताकि प्रस्तावित हड़ताल टाली जा सके और मुंबई की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था प्रभावित न हो।