संसद में हंगामे पर अरविंद सावंत का सरकार पर हमला: सदन चलाना सत्ता पक्ष का काम, राम मंदिर मुद्दे पर मांगी बहस

Arvind Sawant Parliament Row: संसद सत्र बाधित होने पर शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि सदन चलाना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने राम मंदिर चढ़ावे के मुद्दे पर बहस की मांग की।
Arvind Sawant attacks the government over the uproar in Parliament
अरविंद सावंत सोर्स- सोशल मीडिया
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Parliament Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र के दौरान कार्यवाही बाधित होने को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री व शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत ने सरकार पर निशाना साधा है। संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अगर सदन नहीं चल रहा है तो इसकी जिम्मेदारी विपक्ष की नहीं है।

अरविंद सावंत ने साफ तौर पर कहा, ‘अगर सदन नहीं चल रहा है तो हम जिम्मेदार नहीं हैं। सदन को चलाने की जिम्मेदारी सत्ता पक्ष की है।’ उनके मुताबिक विपक्ष लगातार चर्चा चाहता है लेकिन सरकार मुद्दों से बच रही है।

सदन को चलाने की जिम्मेदारी सत्ता पक्ष की है।’ उनके मुताबिक विपक्ष लगातार चर्चा चाहता है लेकिन सरकार मुद्दों से बच रही है। सांसद सावंत ने इस दौरान अयोध्या में बन रहे राम मंदिर का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि हम लगातार मांग कर रहे हैं कि संसद में इस विषय पर चर्चा हो कि राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला क्या है।

सत्ता पक्ष चर्चा के बजाय सदन में गतिरोध पैदा कर रहा

उन्होंने सरकार से सवाल करते हुए कहा, अगर सरकार अयोध्या में राम मंदिर बनाने का श्रेय ले सकती है तो फिर मंदिर में हुई कथित चोरी पर चर्चा करने से क्यों मना कर रही है? सावंत का इशारा था कि जब सरकार उपलब्धियों को गिनाने में आगे रहती है तो विवादों और सवालों पर भी जवाबदेही तय करनी चाहिए।

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शिवसेना (यूबीटी) सांसद ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष चर्चा के बजाय सदन में गतिरोध पैदा कर रहा है जिसके कारण जरूरी मुद्दे पीछे छूट जा रहे है। उनका कहना था कि महंगाई, बेरोजगारी और धार्मिक संस्थानों से जुड़े संवेदनशील मामलों पर संसद में खुली बहस होनी चाहिए जिससे जनता के सामने सच्चाई आ सके।

अरविंद सावंत ने दोहराया कि विपक्ष अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार है लेकिन पहले सरकार को सदन चलाने और चर्चा कराने की पहल करनी होगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में बहस और संवाद ही सबसे बड़ा हथियार है और उसे दबाया नहीं जाना चाहिए।

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