

ICDS आयुक्तालय ने भाई दूज उपहार के पैसे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा किए।
मुंबई की 10,200 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को लाभ मिला।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के खाते में 2000 रुपए की किश्त जमा हुई।
Anganwadi Workers Bhau Beej Gift Money Transfer: इस साल महाराष्ट्र की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए भाई दूज उपहार की 2000 रुपए की राशि दिवाली से पहले ही सीधे उनके बैंक खातों में जमा कर दी गई है। बाल विकास परियोजना अधिकारी भाऊसाहेब तोरकर ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि इससे मुंबई की लगभग 10,200 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की दिवाली खुशहाल बनेगी।
बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने दिवाली के अवसर पर राज्य की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को भाई दूज उपहार के रूप में 2,000-2,000 रुपये देने का निर्णय लिया है। पहले, भाई दूज उपहार का वितरण जिला स्तर पर किया जाता था। लेकिन इस साल, एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) आयुक्तालय ने यह राशि सीधे आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के बैंक खातों में जमा कर दी है। इससे लाभार्थियों को सीधे पैसे मिल गए हैं, जिससे वितरण प्रक्रिया सरल और अधिक पारदर्शी हो गई है।
दिवाली के अवसर पर दिया जाने वाला यह भाई दूज उपहार आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं की समर्पित सेवा के सम्मान के रूप में है। राशि सीधे उनके बैंक खातों में जमा करके, आयुक्तालय ने यह सुनिश्चित किया है कि उन्हें दिवाली के त्योहार से काफी पहले ही यह लाभ मिल जाए। निश्चित रूप से, इस पहल से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का उत्साह बढ़ेगा।
महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं और पहलों को लागू करने में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं अहम भूमिका निभाती हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि ये योजनाएं जमीनी स्तर पर लाभार्थियों तक पहुंचें।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं कई जिम्मेदारियां निभाती हैं, जिनमें गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं, नवजातों और छह साल से कम उम्र के बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य को बढ़ावा देना शामिल है। उनके कार्यों में बच्चों का वजन और लंबाई मापना, कुपोषण पर सर्वेक्षण करना, माताओं और बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी सलाह देना, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा प्रदान करना और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न कार्यक्रम चलाना शामिल है।
इसके अलावा, महाराष्ट्र सरकार के पोषण अभियान के तहत, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पोषण ट्रैकर सिस्टम पर लाभार्थियों का पंजीकरण करने, बच्चों के विकास की निगरानी करने, पौष्टिक भोजन के वितरण का रिकॉर्ड रखने, विभिन्न रिपोर्ट जमा करने और स्वास्थ्य व पोषण के बारे में जागरूकता फैलाने का काम करती हैं। इन सभी प्रयासों में आंगनवाड़ी सहायिकाओं का योगदान भी उतना ही महत्वपूर्ण है।