मानसून के ट्रेलर से ही डूबा मुंबई का कुख्यात अंधेरी सबवे; क्यों करोड़ों खर्च के बाद भी नहीं सुलझ रही समस्या?

Andheri Subway Flooding Update: मुंबई में मानसून की पहली दस्तक के साथ ही अंधेरी सबवे जलमग्न। 44 मिनट तक यातायात ठप, BMC के दावों पर उठे सवाल। जानें क्यों बार-बार डूबता है यह महत्वपूर्ण मार्ग।
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अंधेरी सबवे की पुरानी फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Andheri Subway Flooded: मुंबई के पश्चिमी उपनगरों में हुई भारी बारिश ने एक बार फिर अंधेरी सबवे की बदहाली को उजागर कर दिया है। पूर्व और पश्चिम को जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण मार्ग बुधवार सुबह मानसून की औपचारिक शुरुआत से पहले ही पानी में डूब गया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। यह स्थिति पिछले साल के अनुभवों की याद दिलाती है, जब जून से अक्टूबर के बीच यह सबवे 27 अलग-अलग दिनों में कुल 49 घंटों के लिए जलमग्न रहा था और इसे 33 बार बंद करना पड़ा था।

ताजा घटनाक्रम और बीएमसी की कार्रवाई

बुधवार सुबह 7 से 8 बजे के बीच अंधेरी में 49 मिमी और पास के वर्सोवा में 69 मिमी भारी बारिश दर्ज की गई। इसके परिणामस्वरूप सुबह 7:40 बजे सबवे को यातायात के लिए बंद कर दिया गया। BMC ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 2,500 घन मीटर प्रति घंटा की संयुक्त क्षमता वाले तीन डीवाटरिंग पंपों को सक्रिय किया, जिससे पानी तेजी से निकाला गया और सुबह 8:24 बजे तक मार्ग को फिर से सुचारू कर दिया गया।

सबवे के बार-बार डूबने के मुख्य कारण

अधिकारियों के अनुसार, अंधेरी सबवे की भौगोलिक स्थिति इसे जलभराव के प्रति अत्यंत संवेदनशील बनाती है। यह क्षेत्र आसपास की सड़कों और राजमार्गों से लगभग 10 मीटर नीचे स्थित है, जिससे ऊंचाई वाले इलाकों का सारा पानी ढलान के कारण यहीं जमा हो जाता है। सबवे की गहराई मात्र 0.9 मीटर है। इसके अलावा, इसके नीचे से गुजरने वाला मोगरा नाला जब भी उफान पर होता है, उसका पानी सीधे सबवे में प्रवेश कर जाता है।

प्रस्तावित समाधान और भविष्य की चिंता

बीएमसी इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए आईआईटी बॉम्बे के विशेषज्ञों के साथ मिलकर दो मुख्य विकल्पों पर विचार कर रही है। एक होल्डिंग पोंड का निर्माण और मौजूदा ड्रेनेज नेटवर्क का मार्ग बदलना। हालांकि, इन योजनाओं को लागू करने में देरी होने की संभावना है। प्रशासन ने 15 जून तक योजना को अंतिम रूप देने का लक्ष्य रखा है, लेकिन निर्माण कार्य इस साल अक्टूबर के बाद ही शुरू हो पाएगा। इसका स्पष्ट अर्थ है कि चालू मानसून सीजन में भी यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद कम है।

इस स्थिति को लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ और नेता सचिन सावंत ने बीएमसी पर भ्रष्टाचार और मानसून पूर्व तैयारियों में लापरवाही के आरोप लगाए हैं, जिससे शहर के ड्रेनेज सफाई दावों पर सवाल उठ रहे हैं।

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