ईश्वर को भी देनी पड़ी अग्निपरीक्षा, तो चुनाव आयोग क्यों बच रहा? आनंद दुबे का EC पर तीखा हमला

Anand Dubey On EC: शिवसेना (UBT) प्रवक्ता आनंद दुबे ने केंद्र और महाराष्ट्र सरकार को घेरा। सूखे पर राहत पैकेज, बेखौफ अपराधियों पर कार्रवाई और चुनाव आयोग से प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की मांग की।
anand dubey attacks election commission demands agnipariksha over sir issue
आनंद दुबे (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Anand Dubey Attacks Election Commission: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आनंद दुबे ने रविवार को एक साथ कई मोर्चों पर केंद्र और राज्य सरकार को घेरा। महाराष्ट्र-कर्नाटक में पड़े भीषण सूखे को किसान आत्महत्याओं की बड़ी वजह बताते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री से विशेष राहत पैकेज की मांग की। साथ ही एसआईआर में अनियमितताओं के आरोपों पर चुनाव आयोग से खुली प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 'अग्निपरीक्षा' देने की मांग की।

आनंद दुबे ने कहा कि महाराष्ट्र हो या कर्नाटक, सूखा एक बेहद गंभीर समस्या बनकर सामने आया है। महाराष्ट्र में इस बार भीषण सूखे के कारण कई किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। ऐसी ही स्थिति कर्नाटक में भी है। चूंकि महाराष्ट्र और कर्नाटक की सीमा लगती है, ऐसे में समय पर बारिश न होना और फसलों का बर्बाद होना दोनों राज्यों के लिए बड़ी चुनौती है।

केंद्र से मदद मांगना विपक्ष का अधिकार

उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे हों या कोई अन्य नेता, विपक्ष भी इस देश का हिस्सा है और केंद्र सरकार से मदद मांगना उनका अधिकार है। कर्नाटक में कांग्रेस के मुख्यमंत्री हैं, लेकिन वहां डबल इंजन की सरकार नहीं है, इसलिए समन्वय बैठाने में परेशानी हो रही है, जबकि जहां डबल इंजन की सरकार है, वहां आसानी से तालमेल बैठ जाता है।

आनंद दुबे ने कहा कि हमें उम्मीद है कि इस पत्र के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी मामले का संज्ञान लेंगे और कर्नाटक के साथ महाराष्ट्र के लोगों के लिए भी राहत पैकेज और बड़ी मुआवजा राशि की घोषणा करेंगे।

प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड पर उठाए सवाल

कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि चाहे मुंबई शहर हो, ठाणे हो, नासिक, पुणे, नागपुर या बीड़ हो, हर जगह अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं। हत्याएं, लूटपाट और भ्रष्टाचार खुलेआम हो रहे हैं। जिस तरह से प्रदीप पूर्णेकर की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। अभी तक पुलिस यह पता नहीं लगा पाई है कि इसके पीछे किसकी साजिश है।

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जनता का न्याय व्यवस्था से उठा भरोसा

आनंद दुबे ने कहा कि पीड़ित लोग गुहार लगा रहे हैं कि अब उन्हें कानून-व्यवस्था पर भरोसा नहीं रहा, हमें न्याय चाहिए। मुख्यमंत्री फडणवीस को इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए और विपक्ष की बात सुननी चाहिए।

उन्होंने मांग की कि इन मामलों की एसआईटी, सीबीआई और सीआईडी के जरिए जांच कराई जानी चाहिए, क्योंकि अगर इसी तरह लोगों की हत्या होती रही तो स्थिति गंभीर हो जाएगी। बाबा सिद्दीकी की हत्या हो गई, सलमान खान के घर पर फायरिंग हुई, अब गोविंद गोपालकर की हत्या हो गई, ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं।

उन्होंने कहा कि यह एक जायज मांग है, इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए और विपक्ष को सम्मान देते हुए सरकार को इस विषय पर गंभीरता दिखानी चाहिए।

चोकलिंगम के पत्र और जन-आंदोलनों का दिया संदर्भ

एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि यह सवाल पी. चिदंबरम के विरोध में नहीं है, बल्कि सवाल यह है कि जनता क्या चाहती है। जनता कह रही है कि एसआईआर के नाम पर कई अनियमितताएं और खामियां हैं, जिनसे काफी परेशानी हो रही है। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त चोकलिंगम ने भी केंद्र सरकार के चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। सभी लोग अपने-अपने स्तर पर मांग कर रहे हैं और जगह-जगह मोर्चे और आंदोलन हो रहे हैं।

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चुनाव आयोग प्रेस कॉन्फ्रेंस करने से क्यों कतरा रहा?

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा जरूर होनी चाहिए। चाहे ज्ञानेश कुमार हों, सुखबीर सिंह संधू हों या विवेक जोशी हों, सभी को एक साथ बैठकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी चाहिए और बताना चाहिए कि हर जगह चुनाव को लेकर उनके पास क्या साधन-संसाधन हैं और कहां क्या सही है और क्या गलत। अग्निपरीक्षा तो हमारे भगवान को भी देनी पड़ी थी, तो आप क्यों नहीं दे रहे हैं।

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