

Amrita Fadnavis Supercar Rally Juhu: मुंबई के जुहू इलाके में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल इवेंट के दौरान वीआईपी कल्चर और आम नागरिक की लाचारी का एक वीडियो सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी है। कैंसर जागरूकता अभियान के तहत क्वींस ड्राइव क्लब 6.0 सुपरकार रैली का आयोजन किया गया था, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस इस ऑल-वूमेन लग्जरी कार काफिले को हरी झंडी दिखाने पहुंची थीं।
लेकिन इस इवेंट और सुरक्षा इंतजामों के कारण रास्ते पूरी तरह ब्लॉक कर दिए गए थे, जिससे आम यात्रियों को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा।
जैसे ही रैली को रवाना करने की औपचारिक शुरुआत हो रही थी, एक विचलित और घबराई हुई महिला अचानक मीडिया और कैमरों के सामने आ गई। सफेद टी-शर्ट और ब्लैक ट्राउजर पहने यह महिला रो-रोकर हाथ जोड़ते हुए सुरक्षाकर्मियों और इवेंट आयोजकों के सामने गिड़गिड़ाने लगी। महिला रोते हुए चिल्लाई, गाइज, मेरे घर पर एक इमरजेंसी है। मेरी कार फंस गई है। कृपया मुझे जाने दीजिए, प्लीज मुझे निकलने दीजिए, मैं मर जाऊंगी।
जब वहां खड़े कुछ लोगों ने उसे कार्यक्रम को सुचारू रूप से चलने देने और रास्ता खाली करने के लिए कहा, तो महिला और अधिक घबरा गई। उसने रोते हुए हाथ जोड़कर कहा, नहीं, प्लीज... मैं माफी मांगती हूं, मैं हाथ जोड़ती हूं, बस मेरी कार को रास्ता दे दीजिए।
आप लोग नहीं समझ रहे हैं, मुझे बस यहां से निकलना है। महिला का दावा था कि रूट डायवर्जन और ट्रैफिक ब्लॉक के कारण वह पिछले डेढ़ घंटे से जाम में फंसी हुई थी और अब बिल्कुल भी इंतजार नहीं कर सकती।
महिला की इतनी मिन्नतों के बावजूद उसे कोई रास्ता नहीं मिला और सुरक्षा अधिकारी उसे पकड़कर मंच से पीछे ले गए। इस पूरे वाकये के दौरान मुख्य अतिथि अमृता फडणवीस वहीं मौजूद थीं और सब कुछ अपनी आंखों से देख रही थीं। लेकिन उन्होंने इस संवेदनशील घटना पर न तो कोई प्रतिक्रिया दी और न ही मामले में कोई हस्तक्षेप किया।
इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने अमृता फडणवीस और स्थानीय प्रशासन की कड़ी आलोचना की है। लोगों का कहना था कि महिला रो रही थी, लेकिन अमृता फडणवीस हंस रही थीं।
यूजर्स ने आक्रोश व्यक्त करते हुए लिखा कि वीआईपी मूवमेंट के कारण हमेशा आम जनता को परेशान किया जाता है, किसी नेता या अफसर को आम लोगों के जीने-मरने से कोई फर्क नहीं पड़ता। न तो इवेंट आयोजकों और न ही ट्रैफिक पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि बंद रास्तों के बीच आपातकालीन वाहनों के लिए कोई लेन छोड़ी गई थी या नहीं।