
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के राममाेहन नायडू, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस व मंत्री मुरलीधर मोहोल (सोर्स: सोशल मीडिया)
Ajit Pawar Plane Crash Investigation: महाराष्ट्र के बारामती में हुए भीषण विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित पांच लोगों की जान लेने वाली इस त्रासदी के बाद, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। केंद्र ने अब राज्य प्रशासन से समन्वय की मांग की है।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने इस हादसे की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक औपचारिक पत्र लिखा है। इस पत्र के माध्यम से केंद्र ने दुर्घटना स्थल तक निर्बाध पहुंच और स्थानीय प्रशासनिक सहायता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार से पूर्ण सहयोग मांगा है। नायडू ने जोर देकर कहा कि इस दुखद घटना के पीछे के तकनीकी या मानवीय कारणों का पता लगाना बेहद जरूरी है।
बारामती विमान हादसे की आधिकारिक जांच का जिम्मा ‘विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो’ (AAIB) को सौंपा गया है। AAIB की टीम ने बारामती हवाई पट्टी के पास दुर्घटनास्थल का निरीक्षण शुरू कर दिया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसके निष्कर्षों से राज्य सरकार को विस्तार से अवगत कराया जाएगा। इस जांच का मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि क्या विमान में कोई तकनीकी खराबी थी या मौसम और परिचालन संबंधी कोई चूक हुई।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पहले ही केंद्र सरकार से आग्रह किया था कि इस मामले की ऐसी विस्तृत जांच हो जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। केंद्रीय मंत्री नायडू ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मंत्रालय ने मुख्यमंत्री के अनुरोध को पूरी गंभीरता से लिया है। हम सुनिश्चित करेंगे कि DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर ऐसे नियामक कदम उठाए जाएं, जिससे विमान सुरक्षा को और पुख्ता किया जा सके।
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महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री 66 वर्षीय अजित पवार अपने निजी विमान से बुधवार सुबह बारामती के लिए रवाना हुए थे। अपने गृहनगर की हवाई पट्टी के समीप पहुंचते ही विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में अजित पवार के साथ सवार चार अन्य लोगों की भी दुखद मृत्यु हो गई। इस घटना ने वीआईपी उड़ानों की सुरक्षा और निजी चार्टर विमानों के रखरखाव पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें AAIB की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो विमानन सुरक्षा के नए मानक तय कर सकती है।






