

Mumbai News: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा मतदाता सूचियों में अनियमितताओं का मुद्दा उठाए जाने के बाद अब शिवसेना (यूबीटी) नेता और विधायक आदित्य ठाकरे ने भी इसी तरह का खुलासा किया है। वर्ली में मतदाता सूची की समीक्षा के बाद आदित्य ठाकरे और उनकी टीम ने कई गड़बड़ियों का पर्दाफाश किया है। उन्होंने दावा किया कि सिर्फ वर्ली विधानसभा क्षेत्र में ही 19,333 मतदाताओं से जुड़ी अनियमितताएं पाई गईं। वह मुंबई में आयोजित एक निर्धारक मेले में बोल रहे थे, जहां पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे, अन्य वरिष्ठ नेता, विधायक और सांसद मौजूद थे।
आदित्य ठाकरे ने बताया कि लोकसभा चुनाव के बाद वर्ली क्षेत्र में 16,043 नए मतदाता जुड़े, जबकि 5,661 नाम सूची से हटाए गए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि नरहरि भीमराव कुलकर्णी का नाम मतदाता सूची क्रमांक 196 पर दर्ज था, जिसे लोकसभा चुनाव से पहले हटा दिया गया था। लेकिन विधानसभा चुनाव से पहले वही नाम दोबारा सूची में शामिल किया गया — यानी “उनका पुनर्जन्म हो गया।” चुनाव के बाद उनका नाम फिर से गायब हो गया। आदित्य ने कहा, “इसका मतलब है कि किसी ने जानबूझकर उनका नाम डाला और फिर हटा दिया।”
ठाकरे ने दावा किया कि वर्ली में 502 मतदाता ऐसे हैं जिनके पिता का नाम उनसे मिलता-जुलता है। उन्होंने कहा विट्ठल रामचंद्र जाद नामक मतदाता के पिता का नाम भी विट्ठल रामचंद्र जाद ही है। कृष्णा कृष्णमूर्ति, राजी कुप्पुरस्वामी, और सुलेमान मोहम्मद रज्जाक के मामलों में भी यही स्थिति है। उन्होंने बताया कि कुछ मतदाता सूचियों में पिता मराठी हैं तो कुछ में गुजराती दिखाए गए हैं। आदित्य ने यह भी कहा कि सूची क्रमांक 150 में गिरीश गजानन म्हात्रे नामक व्यक्ति के पिता का नाम भानजी पटेल है, जबकि क्रमांक 27 में दुयोदप रामनंदन यादव नाम के मतदाता के पिता सहदेव वाघमारे बताए गए हैं। उन्होंने सबूतों के साथ यह जानकारी देते हुए कहा कि वर्ली में 720 मतदाता ऐसे हैं जिनके उपनाम या पिता के उपनाम गलत दर्ज हैं, और प्रतीकात्मक रूप से उन्होंने मतदाता सूची को फाड़ दिया।
ठाकरे ने आगे कहा कि चुनाव आयोग ने वर्ली में और भी “चमत्कार” किए हैं। उनके मुताबिक, 643 मतदाताओं का लिंग गलत दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि सूची क्रमांक 120 में गौरी गगन गुप्ता नाम की 26 वर्षीय महिला मतदाता को “पुरुष” बताया गया है। तेजश्री दिलीप हडकर (58 वर्ष) के नाम के आगे भी “पुरुष” लिखा है।
आदित्य ठाकरे ने कहा, “मतदाता सूचियों को सटीक रखना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है, लेकिन क्योंकि अब वे बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं, इसलिए हमें खुद यह जिम्मेदारी निभानी होगी। हम शिवसैनिकों से अपील करते हैं कि हर वार्ड में जाकर मतदाता सूचियों की गहराई से जांच करें।”