सरकार नहीं, भीड़तंत्र चला रहे CM फडणवीस! उद्धव गुट का सामना से वार, मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट में घोटाले का आराेप

Shiv Sena UBT On Devendra Fadnavis: उद्धव ठाकरे गुट ने CM देवेंद्र फडणवीस पर मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट में 2,500 करोड़ के महाघोटाले और विपक्षी नेताओं को धमकाने का आरोप लगाया है।
Shiv Sena UBT Allegations On Devendra Fadnavis
उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो, सोर्स: सोशल मीडिया)
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Shiv Sena UBT Allegations On Devendra Fadnavis: उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) ने अपने मुखपत्र सामना के संपादकीय के जरिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने राज्य सरकार पर मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे की मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट में वैश्विक स्तर का महाघोटाला करने और भीड़तंत्र चलाने का गंभीर आरोप लगाया है।

शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र सामना में प्रकाशित एक संपादकीय में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा विपक्ष के खिलाफ कथित तौर पर इस्तेमाल की गई आक्रामक भाषा की आलोचना की गई। साथ ही आरोप लगाया गया कि मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के घाट खंड को बाईपास करने के लिए बनाई जा रही 'मिसिंग लिंक' परियोजना की लागत में करीब 2,500 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट में घाेटाले का आराेप

सामना के संपादकीय के मुताबिक, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के खतरनाक घाट खंड को बाईपास करने के लिए बनाए 13 किलोमीटर लंबे मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट के बजट में भारी हेराफेरी की गई है। इस परियोजना में दो सुरंगें, 8 लेन की सड़क और दो पुल शामिल हैं। सामना का दावा है कि इस प्रोजेक्ट की प्रारंभिक अनुमानित लागत 4,797.55 करोड़ रुपए थी। अगर इसमें सामान्य मूल्य वृद्धि को भी जोड़ दिया जाए, तो यह खर्च किसी भी हाल में 5,500 करोड़ से अधिक नहीं होना चाहिए था। लेकिन, सरकार ने इसका अंतिम व्यय बढ़ाकर 7,180 करोड़ रुपए कर दिया है, जो सीधे तौर पर करीब 2,500 करोड़ की भारी बढ़ोतरी को दर्शाता है।

शिवसेना (यूबीटी) ने तंज कसते हुए लिखा कि इस प्रोजेक्ट की लागत करीब 540 करोड़ प्रति किलोमीटर बैठती है, जो अपने आप में भ्रष्टाचार का विश्व रिकॉर्ड है। इसमें यह भी आरोप लगाया गया कि पहली ही बारिश में परियोजना में भारी लीकेज शुरू हो गया। संपादकीय में टिप्पणी की गई कि यदि कोई इस परियोजना में कथित भ्रष्टाचार पर शोध करे तो वह कैम्ब्रिज या ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट हासिल कर सकता है।

मुख्यमंत्री की भाषा पर उठाए सवाल

सामना में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा विपक्ष के खिलाफ इस्तेमाल की गई आक्रामक और कथित तौर पर अमर्यादित भाषा की कड़ी आलोचना की गई। संपादकीय में दावा किया गया कि मुख्यमंत्री ने जनता और विपक्ष को चेतावनी देते हुए कहा था कि हमारे भ्रष्टाचार पर सवाल उठाना महाराष्ट्र की बदनामी है और ऐसा करने वालों से वह सख्ती से निपटेंगे। विधानसभा में नागरिकों और विपक्षी नेताओं को किराए के लोग कहने पर निशाना साधते हुए शिवसेना (UBT) ने कहा कि यह किसी जनप्रतिनिधि की नहीं, बल्कि गुंडों की भाषा है।

उद्धव ठाकरे गुट ने आरोप लगाया गया कि इस तरह के भ्रष्टाचार से कमाए गए धन का इस्तेमाल विधायकों और सांसदों की खरीद-फरोख्त में किया जा रहा है। इसमें दावा किया गया कि मुख्यमंत्री फडणवीस का राज्य से कोई भावनात्मक जुड़ाव नहीं है, बल्कि वे मुगलों और अंग्रेजों की तरह व्यवहार कर रहे हैं जिनकी एकमात्र नीति लूट कर भाग जाना थी।

संपादकीय में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्रियों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि राज्य में सुसंस्कृत नेतृत्व की परंपरा रही है। इसमें राज्य के पहले मुख्यमंत्री यशवंतराव चव्हाण की बुद्धिमत्ता, संयम और राजनीतिक परिपक्वता की सराहना की गई।

संपादकीय में आगे कहा गया कि वसंतराव नाईक, वसंतदादा पाटिल, शरद पवार, विलासराव देशमुख, मनोहर जोशी और उद्धव ठाकरे सहित विभिन्न दलों के पूर्व मुख्यमंत्रियों ने सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखी और विधानसभा के मंच का इस्तेमाल विपक्ष को धमकाने या कथित रूप से भ्रष्ट लोगों का बचाव करने के लिए नहीं किया।

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