समालखा में 79वां निरंकारी संत समागम 23 से, महाराष्ट्र के 20 हजार सेवादार तैयारियों में जुटे, उमड़ेंगे भक्त

Nirankari Sant Samagam: समालखा में 23 से 26 अक्टूबर 2026 तक 79वां निरंकारी संत समागम आयोजित होगा। महाराष्ट्र से 20,000 सेवादार समागम स्थल की तैयारियों में निस्वार्थ योगदान दे रहे हैं।
79th Nirankari Sant Samagam to be held in Samalkha from the 23rd
सतगुरु माता सुदीक्षाजी महाराज फोटो सोर्स- नवभारत
Published on: 
Updated on: 

Highlights

  • 79वां निरंकारी संत समागम 23 से 26 अक्टूबर तक समालखा में होगा।

  • मुंबई समेत महाराष्ट्र के करीब 20,000 सेवादार तैयारियों में जुटे।

  • विशाल पंडाल, LED स्क्रीन और भव्य स्वागत द्वार बनकर तैयार।

Maharashtra Nirankari Sevadars: सतगुरु माता सुदीक्षाजी महाराज और निरंकारी राजपिता रमितजी की छत्रछाया में 79वां सालाना निरंकारी संत समागम 23 से 26 अक्टूबर 2026 तक हरियाणा के समालखा स्थित संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर आयोजित होगा।

इस चार दिवसीय आयोजन में देश-विदेश से हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। समागम में सत्संग, सेवा, प्रेम और भक्ति के माध्यम से आध्यात्मिक विचारों को साझा किया जाएगा।

अंतिम चरण में पहुंचीं तैयारियां

श्रद्धालुओं की बढ़ती भागीदारी को देखते हुए समागम स्थल पर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। मुंबई शहर समेत महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से करीब 20 हजार सेवादार आयोजन की तैयारियों में योगदान दे चुके हैं।

सेवादारों की निस्वार्थ सेवा, मेहनत और समर्पण से समागम स्थल को भव्य रूप दिया जा रहा है। आयोजन के लिए विशाल पंडाल तैयार किए गए हैं, ताकि बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके।

LED स्क्रीन से प्रवचन और भजन सुन सकेंगे भक्त

समागम स्थल पर आधुनिक LED स्क्रीन भी लगाई जा रही हैं। इनकी मदद से आयोजन क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद श्रद्धालु सतगुरु के प्रवचन, भजन और आध्यात्मिक विचार आसानी से देख और सुन सकेंगे। बड़े स्तर पर की जा रही व्यवस्थाओं का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रद्धालु समागम के आध्यात्मिक वातावरण से जुड़ सकें।

79th Nirankari Sant Samagam to be held in Samalkha from the 23rd
नासिक: कुंभ में क्यों आकर्षण का केंद्र होते हैं नागा साधु? 13 अखाड़ों में से केवल 6 में दी जाती है नागा दीक्षा

ब्रह्मज्ञान और मानवीय मूल्यों का संदेश

निरंकारी संत समागम केवल वार्षिक आयोजन नहीं, बल्कि ब्रह्मज्ञान, भक्ति, समर्पण और आध्यात्मिक जागृति का अवसर माना जाता है।

यहां श्रद्धालुओं को आत्मचिंतन करने और परमात्मा से जुड़ाव महसूस करने की प्रेरणा दी जाती है। इसके साथ ही भाईचारा, आपसी मेलजोल, प्रेम और निस्वार्थ सेवा जैसे मानवीय मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश भी दिया जाता है।

79th Nirankari Sant Samagam to be held in Samalkha from the 23rd
कल्याण की वालधुनी नदी को प्रदूषणमुक्त करने की तैयारी, MPCB ने लिए पानी के नमूने, जल्द होगी सख्त कार्रवाई

भव्य स्वागत द्वार बना आकर्षण

समागम स्थल पर श्रद्धालुओं द्वारा तैयार किया गया मुख्य स्वागत द्वार भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इसकी कलात्मक बनावट और सुंदरता आयोजन की भव्यता को दर्शाती है। यह द्वार सेवादारों की रचनात्मकता, सामूहिक प्रयास और समर्पण का प्रतीक है। संत समागम का उद्देश्य बाहरी उपलब्धियों से आगे बढ़कर मनुष्य को आंतरिक शांति, प्रेम और सेवा के महत्व से जोड़ना है।

Navbharat Live
navbharatlive.com