महाराष्ट्र की सड़कें कब होगी गड्ढा मुक्त? राज्य में पांच साल में 158 लोगों की गई जान
बीएमसी हर वर्ष मुंबई की सड़कों के गड्डे को ब्यूटी पार्लर वालों की तरह छुपाकर उनको सुंदर बनाने का दावा करती है। लेकिन पहली बारिश ही मनपा के सभी दावों की कलई खोल कर रख देती है। पिछले पांच साल में मुंबई समेत राज्य में गड्ढों के कारण 340 दुर्घटनाएं हुईं है। पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, 158 लोगों की जान चली गई, जबकि 309 लोग घायल हो गए हैं।
- Written By: शुभम सोनडवले
सड़क पर गड्ढे
मुंबई. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) हर वर्ष मुंबई की सड़कों के मुहांसे (गड्डे) को ब्यूटी पार्लर वालों की तरह छुपाकर उनको सुंदर बनाने का दावा करती है। लेकिन पहली बारिश ही मनपा के सभी दावों की कलई खोल कर रख देती है। बारिश के पानी में लुप्त यह गहरे गड्ढे हादसों को दावत दे रहे हैं, खास तौर पर महिलाओं को जो एक्टिवा चलाती है। इसके कारण शहर में दुर्घटनाएं बढ़ रही है और ट्रैफिक जाम से वाहन चालक और यात्री प्रभावित हो रहे हैं। पिछले पांच साल में मुंबई समेत राज्य में गड्ढों के कारण 340 दुर्घटनाएं हुईं है। पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, 158 लोगों की जान चली गई, जबकि 309 लोग घायल हो गए हैं। इससे निपटने में ट्रैफिक पुलिस को काफी मशक्कत करना पड़ता है। इसलिए मुंबईकरों को इन दुश्वारियों से बचाने के लिए ट्रैफिक पुलिस एक योद्धा के रूप में काम कर रही है।
यातायात-सिटी पुलिस बनी “योद्धा”
बरसात से पहले बीएमसी शहर के नालों की सफाई मुकम्मल होने और सड़कें गड्ढा मुक्त बनाने का बड़ा-बड़ा दावा करती है। लेकिन जैसे ही बारिश शुरू होती है। अक्सर देखा गया है कि, मुंबईकरों को हादसों से बचाने के लिए ट्रैफिक पुलिस और मुंबई सिटी पुलिस योद्धा बनकर खुद ही नालों को साफ करते और गड्ढे भर रही है। इतना ही नहीं कछुए की चाल चलने वाला बीएमसी विभाग के काम का यह आलम है कि कुछ अधिकारियों का यह भी कहना है कि,फॉलोअप में समय बर्बाद करने से बेहतर है कि खुद के खर्च से गड्ढे भर दिया जाए ताकि लोग हादसों से बच सकें।
गड्ढों ने ली 158 लोगों की बलि
आंकड़ों पर नजर डाले तो, 2019 से 2023 के बीच गड्ढों की वजह से 158 लोगों की मौत हो चुकी है। बरसात के मौसम में इसकी मात्रा अधिक होती है। 2019 में सबसे ज्यादा 181 दुर्घटनाएं दर्ज की गई, जिसमे 72 लोग मारे गये और 161 लोग घायल हो हुए थे। 2020 में 61 दुर्घटनाओं में 39 मौतें दर्ज की गई है। जबकि 2021 में 33 में से 14 दुर्घटनाएं और 2022 में 4 में से 4 दुर्घटनाएं रिपोर्ट की गई है। 2022 में सबसे कम दुर्घटनाएं दर्ज की गई। पिछले साल 61 हादसों में 29 लोगों की मौत हो गई है, तो वहीं 45 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
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अतिरिक्त पुलिस आयुक्त एम-राम कुमार ने कहा, “मुंबई में गड्ढे अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। उस स्थिति में, यदि सड़कों पर गड्ढे पाए जाते हैं,तो उन्हें भरने के लिए संबंधित प्रणालियों के साथ तत्काल अनुवर्ती कार्रवाई की जा रही है ताकि चालक दुर्घटनाओं से बचे और सुरक्षित यात्रा कर सकें।
वहीं मुंबई के लोगों का कहना है कि बीएमसी की जिम्मेदारी है की बरसात में सड़कें गड्डा मुक्त हो और नालों में सफाई अच्छी तरह से होनी चाहिए, ताकि शहर में पानी नहीं भरे। बीएमसी अलर्ट रहेगी तो दुर्घटनाएं कम होंगी, हर वर्ष दावा करने के बाद भी मनपा को शर्मिंदा होना पड़ता है, बावजूद वह हर बार-बार मुंबईकरों से छूटा वादा करती है।
