CM फडणवीस कैबिनेट ने लिए बड़े फैलसे; छात्रवृत्ति योजना, ‘नया नागपुर’ सहित 15 प्रोजेक्ट्स पास
Mumbai News: फडणवीस कैबिनेट ने 15 बड़े फैसले लिए है। जिनमें निराधारों की आर्थिक मदद, आदिवासी छात्रों के लिए केंद्र की छात्रवृत्ति योजना लागू करना और ‘नया नागपुर’ परियोजना को मंजूरी शामिल है।
- Written By: सोनाली चावरे
सीएम फडणवीस (pic credit; social media)
Maharashtra News: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में 15 अहम फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में सामाजिक न्याय, ऊर्जा, श्रम, आदिवासी विकास, नगर विकास और विधि एवं न्याय विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। इनमें से अकेले नगर विकास विभाग से जुड़े 9 निर्णय लिए गए।
सबसे उल्लेखनीय फैसला सामाजिक न्याय विभाग से जुड़ा रहा। लाडली बहन योजना के कारण सरकारी खजाने पर पहले से भारी बोझ होने के बावजूद, राज्य सरकार ने संजय गांधी निराधार अनुदान योजना और श्रवण बाल योजना के तहत दी जाने वाली आर्थिक सहायता में 1,000 रुपये की वृद्धि करने का निर्णय लिया है। अब लाभार्थियों को हर महीने 1,500 रुपये की बजाय 2,500 रुपये मिलेंगे।
वर्तमान में निराधार पुरुषों, महिलाओं, अनाथों, निराश्रित विधवाओं और दिव्यांगों को इस योजना से लाभ मिल रहा है। फिलहाल संजय गांधी निराधार अनुदान योजना से 4 लाख 50 हजार 700 लोग और श्रवण बाल योजना से 24 हजार 3 दिव्यांग लाभार्थी जुड़े हैं। इन योजनाओं के लिए 570 करोड़ रुपये के अतिरिक्त प्रावधान को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।
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इसके अलावा अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्रों को लेकर भी बड़ा फैसला हुआ। अब राज्य की स्वर्ण जयंती जनजातीय पूर्व-माध्यमिक छात्रवृत्ति योजना की जगह केंद्र सरकार की पूर्व-माध्यमिक छात्रवृत्ति योजना लागू की जाएगी। इससे कक्षा 9वीं और 10वीं में पढ़ने वाले आदिवासी छात्रों को पहले से ज्यादा राशि का लाभ मिलेगा।
बैठक में पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी एक अहम कदम उठाया गया। कैबिनेट ने महानिर्मिती कंपनी के ताप विद्युत संयंत्रों से निकलने वाली राख के पर्यावरण अनुकूल उपयोग की नीति को मंजूरी दी। इस नीति से राख के विभिन्न उपयोगों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
इसी तरह ‘नया नागपुर’ परियोजना को भी हरी झंडी दी गई। नागपुर महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के तहत हिंगना तालुका के गोधनी (रीठी) और लाडगांव (रीठी) की 692 हेक्टेयर भूमि पर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वित्त केंद्र विकसित किया जाएगा। इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण और निर्माण पर लगभग 6,500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
