Mumbai Vadhvan Expressway को मिली रफ्तार, MMRDA ने शुरू की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया
Mumbai Vadhvan Expressway कनेक्टिविटी परियोजना के पहले चरण के लिए एमएमआरडीए ने भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू कर दी है। उत्तन गांव के भूमि मालिकों को 15 दिन के भीतर सहमति देने का नोटिस जारी किया गया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
मुंबई-वाढवण एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी परियोजना (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai Vadhvan Expressway Land Acquisition News: मुंबई-वाढवण एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी परियोजना को गति देते हुए एमएमआरडीए ने पहले चरण के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू कर दी है। करीब 58,754 करोड़ रुपए की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत 104 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जाएगी।
इसके लिए इसके लिए उत्तन गांव के जमीन मालिकों को 15 दिन का नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के जरिए निजी बातचीत के माध्यम से जमीन देने पर सहमति मांगी गई है। साथ ही निर्धारित अवधि में सहमति नहीं मिलने पर कानूनी प्रक्रिया के तहत अधिग्रहण प्रक्रिया किया जाएगा।
सार्वजनिक परियोजना का दर्जा
परियोजना की डीपीआर और क्रियान्वयन रणनीति को राज्य सरकार पहले ही मंजूरी दे चुकी है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में राज्य सरकार ने परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और क्रियान्वयन रणनीति को मंजूरी दी है।
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पहले इसे उत्तन-विरार सी लिंक परियोजना के नाम से जाना जा रहा था, लेकिन भविष्य में इसका नाम बदलकर मुंबई-वाढवन एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी रखा जाएगा। परियोजना को तेजी से पूरा करने के लिए इसे महत्वाकांक्षी शहरी परिवहन परियोजना और अत्यावश्यक सार्वजनिक परियोजना का दर्जा दिया गया है।
एमएमआरडीए के उप महानगर आयुक्त अजिंक्य पडवल द्वारा जारी नोटिस के अनुसार भूमि अधिग्रहण महाराष्ट्र क्षेत्रीय व नगर नियोजन अधिनियम, 1966 की धारा 126(1) (ए) और (बी) के तहत किया जा के रहा है।
भूमि मालिक चाहें तो निजी समझौते के तहत नकद मुआवजा ले सकते हैं या फिर एफएसआई और टीडीआर के रूप में मुआवजा प्राप्त कर सकते हैं, परियोजना लिए राज्य सरकार 11,116.27 करोड़ रुपए का ब्याज-मुक्त वित्तीय सहयोग देगी। इसमें 2,619 करोड़ रुपए भूमि अधिग्रहण और 261 करोड़ रुपए पुनर्वास व पुनर्स्थापन के लिए निर्धारित किए गए हैं। शेष राशि एमएमआरडीए अपने संसाधनों और ऋण के माध्यम से जुटाएगा।
15 दिनों में दें लिखित सहमति
एमएमआरडीए ने भूमि मालिकों, कब्जाधारकों और अन्य हितधारकों से 15 दिनों के भीतर बांदा पूर्व स्थित अतिरिक्त जिलाधिकारी कार्यालय में अपनी लिखित सहमति देने को कहा है। यदि तय समय में सहमति नहीं मिलती है, तो भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, परियोजना के लिए आवश्यक सरकारी भूमि एमएमआरडीए को निःशुल्क हस्तांतरित की जाएगी।
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साथ ही प्राधिकरण को इस एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर पर टोल वसूलने, उपयोगकर्ता शुल्क लेने, विज्ञापन और व्यावसायिक गतिविधियों के माध्यम से राजस्व अर्जित करने का अधिकार भी दिया गया है, जिससे परियोजना की दीर्घकालिक वितीय स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।
