मुंबई पुलिस ने मारा छापा (डिजाइन फोटो)
Mumbai Wildlife Crime: मुंबई के जुहू इलाके स्थित एक रिहायशी घर में अवैध रूप से मगरमच्छ और कछुए को पाले जाने का खुलासा हुआ है। मुंबई पुलिस के अनुसार, वन विभाग, मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट-9 और एक एनजीओ की संयुक्त कार्रवाई में दोनों वन्य जीवों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। इस मामले में 29 वर्षीय इमरान इस्माइल शेख के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस और वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, वन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि जुहू इलाके के एक घर में मगरमच्छ रखा गया है। इसके बाद वरिष्ठ वन अधिकारी के निर्देश पर अंधेरी रेंज कार्यालय से जुड़े फॉरेस्ट गार्ड रोशन बिंदे ने मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट-9 से संपर्क किया। इसके बाद पुलिस, वन विभाग और ‘सर्प इंडिया’ एनजीओ की टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी की योजना बनाई।
संयुक्त टीम जुहू के जेआर म्हात्रे मार्ग स्थित रुइया पार्क, मोरागांव शंकर चाल पहुंची। मुंबई पुलिस के अनुसार, पुख्ता जानकारी के आधार पर इस घर में छापा मारा गया, जहां कार्रवाई के दौरान दो स्वतंत्र पंच गवाह भी मौजूद थे। घर का दरवाजा खुलने पर वहां एक महिला और एक युवक मिले, जिनकी पहचान शाहिदा शेख और उनके भाई इमरान शेख के रूप में हुई।
तलाशी के दौरान घर के एक छोटे से कमरे में रखे कांच के टैंक से एक जिंदा भारतीय मगरमच्छ और इंडियन स्पॉटेड टर्टल बरामद किया गया। दोनों ही जीव वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची-1 में शामिल हैं, जिन्हें निजी तौर पर रखना पूरी तरह से गैरकानूनी है और यह गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
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रेस्क्यू टीम ने पूरी सावधानी और सुरक्षा के साथ दोनों जानवरों को विशेष पिंजरों में बाहर निकाला। इस दौरान पूरी कार्रवाई की रिकॉर्डिंग भी की गई। पूछताछ में शाहिदा शेख ने बताया कि ये जानवर उनके भाई इमरान इस्माइल शेख घर लेकर आया था, जबकि इमरान पूछताछ के दौरान जानवरों के संबंध में स्पष्ट जानकारी देने से टालमटोल करता रहा।
इसके बाद पुलिस ने इमरान इस्माइल शेख के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 9, 39, 48 और 51 के तहत मामला दर्ज कर लिया। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है। रेस्क्यू किए गए मगरमच्छ और कछुए को वन विभाग के हवाले कर दिया गया है, जहां उन्हें उचित देखभाल और पुनर्वास के लिए भेजा जाएगा।
(एजेंसी इनपुट के साथ)