बीएमसी विभाग कार्यालय (सोर्स: साेशल मीडिया)
Mumbai Illegal Nursing Home: आर्थिक राजधानी के शिवाजी नगर इलाके से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां 23 वर्षीय युवक सलमान की कथित मेडिकल लापरवाही के कारण मौत हो गई है। इस घटना ने मुंबई महानगरपालिका (BMC) के स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिवाजी नगर पुलिस ने इस मामले में डॉ. खालिद शेख समेत पांच डॉक्टरों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है, जिन्हें जल्द ही पूछताछ के लिए तलब किया जाएगा।
मुंबई पुलिस ने 23 वर्षीय सलमान की कथित मेडिकल लापरवाही से हुई मौत के मामले में जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में जल्द ही सभी आरोपी डॉक्टरों डॉ. खालिद शेख, डॉ. नियाज अहमद खान, डॉ. इम्तियाज अहमद खान, डॉ. उमेश पिंपले और डॉ. अमित शोभवत को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। पुलिस ने बीएमसी के एम (पूर्व) वार्ड के स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर सभी बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे नर्सिंग होम और हॉस्पिटल के खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश की है।
गौरतलब है कि एम (पूर्व) वार्ड के अंतर्गत आने वाले गोवंडी-मानखुर्द इलाके में एक-दो नहीं, बल्कि बिना रजिस्ट्रेशन के करीब दो दर्जन से अधिक नर्सिंग होम अवैध रूप से चल रहे हैं। जिन्हें बीएमसी का आशीर्वाद प्राप्त है। ये अवैध नर्सिंग होम मरीजों के लिए मौत के ताबूत साबित हो रहे हैं, जहां इलाज के नाम पर मरीजों को मौत मिल रही है।
बीएमसी स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 2009 के बाद से गोवंडी-मानखुर्द आदि इलाकों के नर्सिंग होम का रजिस्ट्रेशन नहीं किया गया है। क्योंकि इन नर्सिंग होम के लिए जो फॉर्मेलिटी लगती है, वह यह स्लम इलाका पूरा नहीं कर सकता है। लेकिन रजिस्ट्रेशन प्रोसेसिंग के नाम पर करीब 24 अवैध नर्सिंग होम, पिछले 15 वर्षों से अधिक समय से चलाकर प्रशासन की आंखों में धूल झोंक रहे है और लोगों की जान से खिलवाड कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग इन नर्सिंग होम चलाने वालों की डिग्रियों और हॉस्पिटल के रजिस्ट्रेशन पेपर का गहन परीक्षण नहीं करता है। जिससे उनकी संख्या बढ़ती जा रही है।
स्थानीय लोगों ने नवनिर्वाचित नगरसेवकों से मांग की है कि वे बीएमसी में इन फर्जी अंगूठा छाप डॉक्टरों और अवैध नर्सिंग होम चलाने वालों के खिलाफ आवाज उठाएं। इन अवैध नर्सिंग होम के के खिलाफ मकोका के तहत सख्त कार्रवाई की मांग करें, जो खुले आम मौत का व्यापार कर रहे है, अवैध हॉस्पिटलों का उद्घाटन कुछ स्थानीय नगरसेवक और विधायक हाथों होने की वजह से मालूम नहीं पड़ता है की यह वैध है या अवैध।
पीड़ित परिवारों का कहना है की कब तक इलाज के नाम पर फर्जी डॉक्टरों और अवैध नर्सिंग होम में कथित मेडिकल लापरवाही से गरीबों की जान जाएगी? बीएमसी और पुलिस प्रशासन किसी की मौत के बाद ही जागता है, और फिर कार्रवाई के नाम पर लोगों को वर्षों इंतजार करना पड़ता है। इस दौरान फर्जी डॉक्टर और मौत के जिम्मेदार लोग निरंतर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करते रहते हैं। क्योंकि इन हॉस्पिटलों में अशिक्षित नौसिखिए नर्स और झोला छाप डॉक्टर मरीजों का इलाज यूट्यूब देखकर करते है और उन्हें दवाइयां देती है।
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शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर अनघा सातवरी ने बताया कि पीड़ित परिवार का बयान दर्ज किया जा रहा है। सभी पांच आरोपी डॉक्टरों की जांच चल रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी, हमने बीएमसी को पत्र लिखकर अवैध नर्सिंग होमों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है।
समाजसेवी हुसैन खान ने कहा कि बीएमसी खुद का हॉस्पिटल अच्छी तरीके से चलाती नहीं है। उसमे इलाज और सुविधा के नाम पर शून्य है। जिसके कारण इलाज के लिए गरीब लोगों को प्राइवेट नर्सिंग होम और हॉस्पिटल पर निर्भर रहना पड़ रहा है। अच्छे हॉस्पिटल और बेहतर इलाज का बुनियादी हक लोगों को मिलना चाहिए, ताकि लोग ऐसे नर्सिंग से बच सके।
– नवभारत लाइव के लिए मुंबई से तारिक खान की रिपोर्ट