चंद्रपुर: बिजली कटौती से गहराया जलसंकट; नगराध्यक्ष एकता समर्थ का बिजली कंपनी पर साजिश और भेदभाव का आरोप
अनियमित बिजली आपूर्ति के कारण जलसंकट पर नगराध्यक्ष एकता समर्थ ने उठाए सवाल, कहा हर संभव संकट से निपटेंगे।
Chandrapur Electricity Cut News: मूल नगर परिषद क्षेत्र में अनियमित बिजली आपूर्ति के कारण जलसंकट गहराने लगा है। इस मुद्दे पर नगराध्यक्ष एकता प्रशांत समर्थ ने बिजली वितरण कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
नगर परिषद सभागृह में आयोजित पत्रकार परिषद में उन्होंने कहा कि जलापूर्ति योजना अत्यावश्यक सेवा है और इसके लिए एक्सप्रेस फीडर भी उपलब्ध कराया गया है, इसके बावजूद जरूरत के समय बिजली आपूर्ति बाधित की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर नगर प्रशासन को बदनाम करने और नागरिकों को परेशान करने के उद्देश्य से ऐसा किया जा रहा है।
नगराध्यक्ष के अनुसार, नगर परिषद पर पूर्व में करीब 65 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया था, जिसमें से लगभग 40 प्रतिशत राशि का भुगतान कर दिया गया है। इसके बावजूद जनवरी में दो बार और फरवरी में तीन बार, कुल पांच बार बिजली आपूर्ति बाधित की गई।
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उन्होंने यह भी दावा किया कि जलापूर्ति विभाग के अभियंता को बकाया राशि तुरंत जमा करने के लिए मौखिक दबाव और चेतावनी दी गई। इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए उन्होंने आशंका जताई कि बिजली वितरण कंपनी किसी दबाव में काम कर रही हो सकती है।
अन्य नगर पंचायतों पर सवाल
नगराध्यक्ष ने कहा कि जिले की अन्य नगर पंचायतों पर भी करोड़ों रुपये के बिजली बिल बकाया हैं, फिर भी उनकी बिजली आपूर्ति बाधित नहीं की गई। ऐसे में केवल मूल नगर परिषद की जलापूर्ति लाइन ही क्यों काटी जा रही है, यह सवाल उन्होंने उठाया है।
वैकल्पिक व्यवस्था का दावा
नगर परिषद द्वारा जलसंकट से निपटने के लिए 42 सार्वजनिक कुएं, 300 बोरवेल, 641 निजी कुओं के साथ टैंकर की व्यवस्था की गई है। साथ ही बंद पड़े बोरवेल की मरम्मत का कार्य भी किया जा रहा है।
नगराध्यक्ष ने दावा किया कि नगर परिषद नागरिकों को पानी की समस्या से राहत देने और शहर के विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार प्रयासरत है।
