MSEDCL ने राष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन में जीते 7 पुरस्कार, फ्यूचरिस्टिक डिस्कॉम श्रेणी में भी मिला पहला स्थान

MSEDCL Wins Seven Awards: महावितरण को नई दिल्ली में 20वें राष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन में 7 पुरस्कार मिले। कंपनी को हरित ऊर्जा और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार वितरण कंपनी की श्रेणी में सम्मान मिला।
MSEDCL Wins Seven Awards At National Energy Conference In Delhi
महावितरण को राष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन में 7 पुरस्कार मिले(फोटो नवभारत)
Published on: 
Updated on: 

Highlights

  • महावितरण को राष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन में 7 पुरस्कार मिले, फ्यूचरिस्टिक डिस्कॉम में पहला स्थान हासिल किया।

  • कंपनी ने 2030 तक हरित ऊर्जा की हिस्सेदारी 52% करने का लक्ष्य रखा है।

  • AI आधारित बिजली मांग पूर्वानुमान प्रणाली से ₹1,200 करोड़ से अधिक की बचत का दावा किया गया है।

National Energy Conference In Delhi: महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (महावितरण) ने आधुनिक तकनीक, हरित ऊर्जा और उपभोक्ता सुविधा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

फ्यूचरिस्टिक डिस्कॉम में पहला स्थान

नई दिल्ली में आयोजित 20 वें राष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन में महावितरण को एक दो नहीं बल्कि 7 पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। कंपनी को ‘फ्यूचरिस्टिक डिस्कॉम’ यानी भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार बिजली वितरण कंपनी की प्रमुख श्रेणी में देश में पहला स्थान मिला।

जबकि हरित ऊर्जा और कार्यप्रदर्शन सुधार में भी बाजी मारी इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से 13 और 14 अक्टूबर को आयोजित इस सम्मेलन में बिजली वितरण कंपनियों के सशक्तीकरण, तकनीकी नवाचार और कार्यक्षमता में सुधार पर विशेष जोर दिया गया।

महावितरण की ओर से कंपनी के निदेशक (संचालन) धनंजय औंढेकर ने पुरस्कार स्वीकार किए। कंपनी को हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) और कार्यप्रदर्शन में सुधार (परफॉर्मेंस इम्प्रूवमेंट) की श्रेणियों में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ।

2030 तक हरित ऊर्जा की हिस्सेदारी 52 प्रतिशत का लक्ष्य

सेवाओं की गुणवत्ता एवं उपभोक्ता सशक्तीकरण में दूसरा तथा कार्यकुशल संचालन और तकनीक अपनाने की श्रेणियों में तीसरा स्थान मिला। प्रभावशाली नवाचार के लिए भी कंपनी को विशेष सम्मान प्रदान किया गया। महावितरण के अनुसार, महाराष्ट्र के रिसोर्स एडेक्वेसी प्लान के तहत 38 हजार मेगावाट से अधिक हरित ऊर्जा क्षमता जोड़ने की योजना है।

इससे वर्ष 2030 तक कंपनी की हरित ऊर्जा हिस्सेदारी मौजूदा 13 प्रतिशत से बढ़कर 52 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है। कंपनी ने दावा किया कि हरित ऊर्जा के विस्तार के चलते वर्ष 2025 से 2030 की अवधि के लिए बहुवर्षीय बिजली दरों में 26 प्रतिशत तक की कटौती घोषित की गई है।

MSEDCL Wins Seven Awards At National Energy Conference In Delhi
ठाणे के कल्याण स्टेशन इलाके में KDMC ने क्रेन से दो स्टॉल हटाए, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का दिया हवाला

18 लाख से अधिक किसानों को दिन में बिजली

‘मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना 2.0’ के तहत 16 हजार मेगावाट विकेंद्रित सौर ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। कंपनी के मुताबिक, अब तक 6,600 मेगावाट क्षमता की सौर परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं और राज्य के 18 लाख से अधिक किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।

‘मागेल त्याला सौर पंप योजना’ के तहत 11.86 लाख ऑफ-ग्रिड सौर पंप स्थापित किए गए हैं। वहीं, ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के अंतर्गत महाराष्ट्र राज्य में 13.12 लाख घरों पर 3,115 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र चालू किए जाने की जानकारी दी गई है।

MSEDCL Wins Seven Awards At National Energy Conference In Delhi
पुणे में पानी कटौती की तैयारी, स्थानीय निकायों को 20% कमी के निर्देश, मनपा क्षेत्र में 25% कटौती का प्रस्ताव

AI तकनीक से 1,200 करोड़ रुपये की बचत

कंपनी ने अपनी उपलब्धियों का श्रेय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कुशल मार्गदर्शन में ऊर्जा विभाग की अपर मुख्य सचिव आभा शुक्ला के नेतृत्व और महावितरण के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक लोकेश चंद्र के प्रयासों को दिया है।

महावितरण ने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित बिजली मांग पूर्वानुमान और विश्लेषण प्रणाली के उपयोग से बिजली खरीद में 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की बचत हुई है। स्मार्ट मीटरिंग के क्षेत्र में भी कंपनी ने अपने लक्ष्य का 57 प्रतिशत हासिल करने का दावा किया है।

इसके अलावा, नए बिजली कनेक्शन, लोड में बदलाव और बिल पर नाम बदलने जैसी सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदनों को स्वचालित मंजूरी देने की व्यवस्था लागू की गई है। बिजली चोरी के खिलाफ अप्रैल से सितंबर तक चलाए गए अभियान में 133.32 करोड़ रुपये की बिजली चोरी उजागर हुई, जबकि 65.56 करोड़ रुपये की वसूली की गई।

Navbharat Live
navbharatlive.com