MSCB घोटाला: ‘अजित परिवार’ को अब मिली बड़ी राहत, EOW की क्लोजर रिपोर्ट कोर्ट ने स्वीकार की

MSCB Scam News: मुंबई उच्च न्यायालय ने MSCB घोटाला मामले में EOW की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार करते हुए अजित पवार, सुनेत्रा पवार और रोहित पवार सहित 70 लोगों को क्लीन चिट दे दी है।
EOW Closure Report
MSCB scam news-महाराष्ट्र सहकारी बैंक केस (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Bombay High Court Order: ‘महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक’ (एमएससीबी) घोटाला मामले में शुक्रवार को एक बड़ा और अहम फैसला सामने आया। मुंबई उच्च न्यायालय ने इस मामले में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है। इससे दिवंगत नेता अजित पवार, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, रोहित पवार सहित कुल 70 लोगों को स्थायी रूप से क्लीन चिट मिल गई है।

महाराष्ट्र की राजनीति में वर्षों से चर्चा के केंद्र रहे एमएससीबी घोटाला मामले में दायर सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे की आपत्ति याचिका और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हस्तक्षेप याचिका को भी न्यायालय ने खारिज कर दिया। ED ने अपनी याचिका को बनाए रखने के लिए न्यायालय में जोरदार प्रयास किए, लेकिन पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में अदालत ने इसे अस्वीकार करते हुए जांच बंद करने पर मुहर लगा दी।

ये है पूरा मामला

विपक्षी नेताओं ने महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक के तत्कालीन बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स पर आरोप लगाया था कि वर्ष 2007 से 2011 के बीच उन्होंने नियमों की अनदेखी करते हुए चीनी मिलों और सूत कारखानों को अनियमित तरीके से कर्ज बांटा।

70 लोगों को मिली क्लीन चिट

इनमें एनपीए घोषित की गई कई चीनी मिलों को भी दोबारा कर्ज दिया गया। जब ये कर्ज नहीं चुकाए गए तो इन मिलों को कथित तौर पर कौड़ियों के दाम पर संचालकों के रिश्तेदारों ने अधिग्रहित कर लिया। इस मुद्दे पर महाराष्ट्र में जबरदस्त राजनीतिक बवाल भी मचा था।

राजनीतिक दृष्टि से अहम फैसला

यह फैसला राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इस घोटाले को लेकर महाराष्ट्र में वर्षों तक सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक होती रही। अब न्यायालय के इस अंतिम निर्णय के साथ इस लंबे विवाद पर विराम लग गया है।

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