महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव: नागपुर में मतदान के दौरान गड़बड़ी का खुलासा, ‘इस’ कारण कई लोग रह गए मताधिकार से वंचित
नागपुर में मतदान प्रक्रिया के दौरान बड़ी गड़बड़ी होने की खबर सामने आई है। किसी एक व्यक्ति के नाम पर दूसरे व्यक्ति ने मतदान करने से असली वोटर को मताधिकार से वंचित रहना पड़ा। कई इलाकों से बड़ी संख्या में ऐसी शिकायतें आने से चुनाव अधिकारियों के प्रबंधन पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
- Written By: विधी शर्मा
नागपुर में मतदान के दौरान गड़बड़ी का खुलासा (प्रतिकात्मक तस्वीर)
नागपुर: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए बुधवार को एक ही चरण में मतदान प्रक्रिया संपन्न हुई। इस दौरान नागपुर के कई मतदान केंद्र पर गड़बड़ होने की खबर सामने आ रही है। दरअसल, कुछ मतदाता जब मतदान करने केंद्र पर गए, तो प्रक्रिया के दौरान पता चला कि उनके नाम पर पहले से ही मतदान हो चुका था। शहर में ऐसे फर्जी वोट के कई किस्से सामने आए हैं। इस कारण असली वोटर को मताधिकार से वंचित रहना पड़ा।
बताया जा रहा है कि दक्षिण नागपुर के बिड़ीपेठ की रहने वाली मेघा राजेश फुटाने जब भाऊसाहेब सुर्वे मतदान केंद्र पर वोट डालने गई थीं। प्रक्रिया के दौरान उन्हें बताया गया कि उनके नाम पर पहले ही मतदान हो चुका है। मेघा ने इस पर विरोध करते हुए केंद्रीय अधिकारियों से शिकायत की। तब उन्हें मतपत्र देकर मतदान प्रक्रिया संपन्न करने दी गई।
पूर्व नागपुर के किस्से
शहर के दिघोरी इलाके से भी कुछ इसी प्रकार की घटना सामने आई है। यहां के मतदान केंद्र पर करीब 15-16 लोगों के नाम पर पहले ही मतदान हो चुका था। पूर्व नागपुर के पारड़ी इलाके में भी ऐसी गड़बड़ी हुई है। मनपा स्कूल के मतदान केंद्र पर, शांति नगर के ज्ञान विकास विद्यालय, भिवगड़े कॉलेज के मतदान केंद्र में भी बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आईं। यहां ज्यादातर लोगों ने अपने नाम पर पहले ही फर्जी मतदान किए जाने की शिकायत केंद्रीय अधिकारियों के पास की है।
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उत्तर नागपुर में भी ऐसी ही घटना
इस दौरान उत्तर नागपुर से भी ऐसी ही घटनाएँ सामने आई हैं। सुगत नगर की रहने वाली चंदा विजय मेश्राम के साथ भी ऐसा हुआ। चंदा चैतन्य नगर के उच्च प्राथमिक विद्यालय मतदान केंद्र पर मतदान करने गई थी। वहाँ उन्हें पता चला कि उनके नाम पर पहले से किसी ने मतदान कर दिया था।
दरअसल, सुगत नगर के मियाको इंग्लिश स्कूल के मतदान केंद्र में भी चंदा का नाम पंजीकृत है। इसीलिए चंदा वहाँ भी गई। लेकिन वहाँ पर भी उनके नाम पर मतदान हो चुका था। इस घटना की जानकारी मिलते ही इलाके के पूर्व नगर सेवक गौतम पाटील ने शिकायत करने को कहा, तो केंद्रीय अधिकारियों ने बैलेट पेपर पर चंदा का मतदान लिया। इन सभी मामलों से चुनावी अधिकारियों के प्रबंधन पर सवाल उठाए जा रहे हैं। साथ ही इस गड़बड़ी के चलते कई वोटरों को मताधिकार से वंचित रहना पड़ा, जो कि हर भारतीय नागरिक का मौलिक अधिकार है।
