
शरद पवार ने मराठा समाज को मुश्किलों में डाला (सोर्स: सोशल मीडिया)
मुंबई: मराठा समाज और उनके सगे सोयरे-(संबंधियों) को ओबीसी कोटे से आरक्षण की मांग कर रहे मनोज जरांगे पाटिल, एनसीपी (अजीत पवार) मंत्री छगन भुजबल, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, देवेंद्र फडणवीस और बीजेपी के दूसरे नेताओं को लगातार निशाना बनाते रहे हैं। इस मामले में अब तक ऐसा कहा जाता था कि मनोज जरांगे को ऐसा करने के लिए एनसीपी शरदचंद्र पवार के प्रमुख शरद पवार उकसाते रहे हैं। लेकिन मनोज जरांगे ने अब शरद पवार पर सीधा और सनसनीखेज आरोप लगा दिया है। उनका कहना है कि पवार ने मराठा समाज को मुश्किलों में डाला। उन्हीं की वजह से मराठों को अभी तक आरक्षण नहीं मिल सका है।
मराठा समाज की शांति रैली के मंगलवार को नाशिक में समापन के बाद मनोज जरांगे ने बुधवार को अंतरवाली सराटी में मीडियाकर्मियों से बात करने के दौरान शरद पवार पर जमकर हमला बोला। दरअसल शरद पवार ने मराठा क्रांती ठोक मोर्चा के सदस्यों से कहा था कि राज्य में 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण नहीं दिया जा सकता है। इसलिए इस समस्या में हम कुछ कर ही नहीं सकते हैं।
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मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एक सर्वदलीय बैठक बुलाएं और उसमें सर्वसम्मति से कोई मार्ग निकालने की कोशिश करें तथा केंद्र सरकार समन्वय की भूमिका अपनाए तो हम उन्हें समर्थन देने को तैयार हैं। इसी बारे में पूछे जाने पर मनोज जरांगे, शरद पवार पर भड़क गए।
मराठा आरक्षण को लेकर मुझे सरकार से कोई अपेक्षा नहीं है। क्योंकि उन्होंने आरक्षण न देने का फैसला कर लिया है। सरकार मराठा और ओबीसी समुदाय के बीच टकराव पैदा करना चाहती है। वे दंगे कराना चाहते हैं। मनोज जरांगे ने राकां नेता व मंत्री छगन भुजबल तथा उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर हमला करते हुए कहा कि वे सत्ता में रहेंगे या बाहर जाएंगे, हम तय करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मराठों ने भी तय कर लिया है कि अब उन्हें कुर्सी पर नहीं रहने देंगे। हम उन्हें मराठों की ताकत दिखाएंगे, थोड़ा धैर्य रखिए। हमने सरकार को 29 तारीख तक का समय दिया है।






