Maharashtra Weather: मानसून का रौद्र रूप! आज कोंकण के लिए रेड अलर्ट जारी; जानें आपके शहर का मौसम कैसा होगा?
Maharashtra Monsoon Red Alert: महाराष्ट्र में मानसून का कहर! रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग के लिए 'रेड अलर्ट' जारी। मुंबई सहित कई जिलों में 60 किमी की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं और भारी बारिश।
- Written By: गोरक्ष पोफली
महाराष्ट्र के मौसम की सांकेतिक फोटो (सोर्स: एआई फोटो)
Maharashtra Weather: महाराष्ट्र में मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ ही मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों के लिए बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। आज राज्य के तटीय इलाकों, विशेषकर कोंकण क्षेत्र में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा वर्तमान में मुंबई, अहिल्यानगर और आदिलाबाद से होकर गुजर रही है, जिससे अगले 13 से 17 जून के दौरान पूरे महाराष्ट्र में भारी बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना प्रबल हो गई है।
क्षेत्रवार चेतावनी और रेड अलर्ट
प्रादेशिक मौसम केंद्र मुंबई द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, आज (शुक्रवार) को दक्षिण कोंकण के जिलों रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। यहाँ मूसलाधार बारिश के साथ-साथ अत्यंत भारी वर्षा होने की आशंका है। वहीं, उत्तरी कोंकण के जिलों जैसे पालघर, ठाणे और रायगड के साथ-साथ पश्चिम महाराष्ट्र के पुणे, सतारा और कोल्हापुर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
मौसम प्रणाली का प्रभाव
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में कई प्रणालियां सक्रिय हैं जो इस बारिश को बढ़ावा दे रही हैं।
सम्बंधित ख़बरें
संभाजीनगर में औरंगजेब के समर्थन में नारेबाजी करना पड़ा भारी, वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हुआ गिरफ्तार
फिर टूटेगी उद्धव की शिवसेना? ऑपरेशन टाइगर से बढ़ीं ठाकरे की धड़कनें, मातोश्री पर बुलाई इमरजेंसी मीटिंग
संभाजीनगर में 1,967 ऑटो चालकों पर कार्रवाई,13.17 लाख रुपये का जुर्माना, नियम तोड़ने वालों पर पुलिस का शिकंजा
मरीजों को अपनी फार्मेसी से दवा खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकेंगे अस्पताल; एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे का आदेश
- उत्तर-पश्चिम राजस्थान से मराठवाड़ा तक (मध्य प्रदेश और विदर्भ होते हुए) एक ट्रफ लाइन बनी हुई है।
- उत्तर आंतरिक कर्नाटक और उससे सटे तेलंगाना क्षेत्र के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।
- पश्चिम-मध्य अरब सागर से लेकर दक्षिण तटीय ओडिशा तक एक अन्य ट्रफ रेखा सक्रिय है।
इन प्रणालियों के प्रभाव से आगामी कुछ दिनों में विदर्भ, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में मानसून के और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
संभावित खतरे और प्रशासन की तैयारी
मौसम विभाग ने इस भारी बारिश के कारण कई प्रकार के खतरों की चेतावनी दी है।
- बाढ़ और जलभराव: निचले इलाकों और शहरी क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है।
- यातायात में बाधा: सड़क, रेल और हवाई यातायात के साथ-साथ फेरी सेवाओं के बाधित होने की संभावना है।
- भूस्खलन: पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन और चट्टानों के गिरने का खतरा बढ़ गया है।
- फ्लैश फ्लड: रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जैसे जिलों के कुछ जलक्षेत्रों में ‘फ्लैश फ्लड’ का कम से मध्यम जोखिम बना हुआ है।
मछआरों और किसानों के लिए जरूरी सलाह
समुद्र की स्थिति बेहद खराब रहने की संभावना है, इसलिए मछआरों को 13 से 17 जून तक समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है। तट के साथ हवा की गति 40-50 किमी प्रति घंटे से लेकर 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
यह भी पढ़ें: फिर टूटेगी उद्धव की शिवसेना? ऑपरेशन टाइगर से बढ़ीं ठाकरे की धड़कनें, मातोश्री पर बुलाई इमरजेंसी मीटिंग
किसानों को कृषि संबंधी सलाह
किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी पकी हुई फसलों की कटाई जल्द कर लें और उसे सुरक्षित स्थानों पर रखें। गरज के साथ बारिश और तेज हवाओं के कारण फलों के बागों और सब्जियों को सहारा देने की आवश्यकता है ताकि उन्हें नुकसान न पहुंचे। साथ ही, बिजली कड़कने के दौरान खेतों में काम करने से बचें और पशुओं को सुरक्षित बाड़ों में रखें।
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी की जांच करें और पुराने या जर्जर भवनों में आश्रय लेने से बचें। प्रशासन ने सभी जिला अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
