

Maharashtra Strengthens Cotpa Law News: तंबाकू उत्पादों की बिक्री और प्रचार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए महाराष्ट्र सरकार ने कोटपा-2003 कानून के पालन को और सख्त करने का निर्णय लिया है। इसके तहत राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के तहत राज्य की तहसील स्तरीय तंबाकू नियंत्रण समितियों को आर्थिक सहायता दी जाएगी।
प्रत्येक समिति को प्रति वर्ष दो हजार रुपए का फंड उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे निगरानी, जनजागृति और कानून के क्रियान्वयन को मजबूती मिल सके, साथ ही इनकी बैठकें अब नशामुक्ति समितियों की बैठकों के साथ आयोजित की जाएंगी, ताकि तंबाकू नियंत्रण अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाया जा सके।
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में सिगरेट व अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम 2003 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तहसील स्तर पर निगरानी और समन्वय व्यवस्था मजबूत करने का निर्णय लिया है। सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने 22 मई को जारी शासनादेश में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत गठित तहसील स्तरीय समन्वय व निगरानी समितियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा की है।
इसी के साथ ही यह भी बताया गया है कि राज्य की प्रत्येक तहसील स्तरीय समिति को प्रति वर्ष फंड उपलब्ध कराया जाएगा। यह राशि राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के अंतर्गत कोटपा कानून के क्रियान्वयन के लिए प्राप्त निधि से वितरित की जाएगी। समिति के सदस्य सचिव अध्यक्ष की अनुमति से इस निधि का उपयोग करेंगे और संबंधित अभिलेख सुरक्षित रखेंगे।