

Maharashtra Government Illegal Liquor: नागपुर शराब की अवैध बिक्री को रोकने के लिए राज्य सरकार सख्त नजर आ रही है। इसी क्रम में महाराष्ट्र सरकार के गृह विभाग ने अवैध शराब के निर्माण और बिक्री को प्रभावी तरीके से रोकने के उद्देश्य से तहसील स्तरीय समिति के पुनर्गठन का आदेश जारी किया है। इस संदर्भ में सोमवार को गृह विभाग ने शासन निर्णय जारी कर दिया। साथ ही सरकार ने पुलिस महानिदेशक और राज्य उत्पादन शुल्क आयुक्त को भी निर्देश दिए हैं कि वे अवैध शराब के धंधों पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए अधीनस्थ अधिकारियों को तुरंत आदेश जारी करें।
उल्लेखनीय है कि सरकार समय-समय पर अवैध शराब की बिक्री पर नियंत्रण के लिए आदेश और परिपत्र जारी करती रही है, इससे पहले तहसीलदार की अध्यक्षता में तहसील स्तरीय समिति बनाई गई थी जो यह देखती थी कि अवैध शराब के खिलाफ जारी आदेशों का पालन हो रहा है या नहीं लेकिन विभागीय आयुक्त कार्यालय, छत्रपति संभाजीनगर के अधीन गठित अध्ययन समिति की सिफारिशों के अनुसार महाराष्ट्र शराब प्रतिबंध अधिनियम, 1949 की धारा 93 के तहत दारूबंदी संबंधी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने का अधिकार उपविभागीय अधिकारी तथा उपविभागीय दंडाधिकारी को होने के कारण उक्त कानून के अनुरूप प्रस्तुत समिति के गठन के संदर्भ में समिति के पुनर्गठन का विषय शासन के विचाराधीन था, इसलिए पुराने शासन निर्णय को रद्द कर नई समिति का गठन किया गया है। नई संरचना के अनुसार तहसील स्तर पर गठित होने वाली समिति में उपविभागीय दंडाधिकारी अध्यक्ष होंगे। संबंधित पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी सदस्य सचिव रहेंगे, जबकि उपविभागीय पुलिस अधिकारी, राज्य उत्पादन शुल्क विभाग के उपाधीक्षक, तहसीलदार, राज्य उत्पादन शुल्क निरीक्षक, पंचायत समिति की सभी महिला जनप्रतिनिधि, प्राथमिक स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी सदस्य के रूप होंगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यदि समिति में अन्य शासकीय अथवा अशासकीय सदस्य शामिल करना आवश्यक हो तो जिलाधिकारी संबंधित जिले के पालक मंत्री से चर्चा कर निर्णय ले सकेंगे। इस समिति का कार्यक्षेत्र और जिम्मेदारी तहसील स्तर तक सीमित रहेगा, किसी भी तहसील में एक से अधिक पुलिस स्टेशन होने पर भी समिति पूरी तहसील के लिए काम करेगी।
समिति यह सुनिश्चित करेगी कि सरकार द्वारा जारी अवैध शराब विरोधी आदेशों का कड़ाई से पालन हो। समिति को हर महीने कम से कम एक बैठक करना अनिवार्य होगा। बैठक में गांवों में हाथभट्टी (कच्ची शराब) पर रोक संबंधी आदेशों की समीक्षा की जाएगी और अवैध शराब पूरी तरह बंद करने के लिए उपाययोजना तय की जाएगी।