अगले महीने ST कर्मियों के वेतन पर संकट, आर्थिक मदद नहीं मिली तो थम सकतें हैं लालपरी के पहिए
ST Workers Demand: एसटी की आर्थिक स्थिति गंभीर बनी हुई है। कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि तत्काल आर्थिक सहायता नहीं मिली तो अगले महीने वेतन संकट गहरा सकता है और बस सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
ST बस पर कर्मचारी (सोर्स: फाइल फोटो)
Maharashtra ST Workers Demand Financial Support: एसटी अभूतपूर्व आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। यदि तत्काल आर्थिक सहायता नहीं मिली तो अगले महीने कर्मचारियों का वेतन देना असंभव हो जाएगा। इतना ही नहीं, ईंधन, मरम्मत और दैनिक संचालन के लिए फंड उपलब्ध न होने के कारण लालपरी के पहियों के थमने का भी खतरा पैदा हो गया है। यह गंभीर चेतावनी महाराष्ट्र एसटी कर्मचारी कांग्रेस के महासचिव श्रीरंग बरगे ने दी है। साथ ही उन्होंने सरकार से तत्काल सहायता की मांग की है।
ST पर डीजल आपूर्तिकर्ताओं, स्पेयर पार्ट्स, टोल, मरम्मत व रखरखाव और किराए पर ली गई बसों के भुगतान का भारी बकाया है। दूसरी ओर कर्मचारियों के पीएफ, ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण, चिकित्सा व यात्रा भत्तों और बैंक कर्ज की किस्तों की राशि भी संबंधित संस्थाओं में जमा नहीं की गई है। बरगे ने दावा किया कि दिसंबर 2025 से मई 2026 के बीच कर्मचारियों के कुल 633 करोड़ 2 लाख रुपए के बकाये लंबित हो गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारियों के वेतन से काटी गई राशि संबंधित संस्थाओं को हस्तांतरित नहीं की गई है।
माहवार वित्तीय घाटे का दिया ब्यौरा
महाराष्ट्र ST कर्मचारी कांग्रेस के महासचिव श्रीरंग बरगे ने ST महामंडल की बिगड़ती आर्थिक स्थिति का ब्यौरा देते हुए बताया कि पिछले सात महीनों में वित्तीय घाटा लगातार बढ़ता गया है। उनके अनुसार दिसंबर में 62 करोड़ रुपये, जनवरी में 133.89 करोड़ रुपये, फरवरी में 33 करोड़ रुपये, मार्च में 33 करोड़ रुपये, अप्रैल में 84.79 करोड़ रुपये, मई में 116 करोड़ रुपये और जून में लगभग 170 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया गया।
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लगातार बढ़ते इस घाटे ने ST प्रबंधन की चिंताएं बढ़ा दी हैं। बरगे ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में इस वित्तीय कमी की भरपाई करना प्रबंधन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है और तत्काल आर्थिक सहायता की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
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विधानभवन में आर्थिक मांगों पर चर्चा
सोमवार को विधानभवन में आयोजित होने वाली सभी श्रमिक संगठनों की बैठक में ST कर्मचारियों से जुड़ी महत्वपूर्ण आर्थिक मांगों पर चर्चा की जाएगी। बैठक में कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए आवश्यक निधि, लंबित एक प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि, बढ़े हुए महंगाई भत्ते, मकान किराया भत्ता अंतर और अन्य वित्तीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। कर्मचारी संगठनों को उम्मीद है कि इस बैठक में उनकी लंबित मांगों के समाधान की दिशा में सकारात्मक निर्णय लिए जाएंगे।
