Amravati: मोर्शी के अधूरे पुल को लेकर कांग्रेस का अल्टीमेटम, ‘करो या मरो’ आंदोलन की चेतावनी
Morshi Bridge: नला नदी पर वर्षों से अधूरा पड़ा पुल अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। कांग्रेस ने प्रशासन को 5-7 दिन का अल्टीमेटम देते हुए निर्माण शुरू नहीं होने पर ‘करो या मरो’ आंदोलन की चेतवनी दी है।
- Written By: अनन्या तिवारी
अधूरा मोर्शी पुल (सोर्स-नवभारत फाइल फोटो)
Congress Ultimatum Over Incomplete Morshi Bridge: अमरावती के मोर्शी स्थित नला नदी पर वर्षों से अधूरे पड़े पुल के निर्माण को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मोर्शी-वरुड विधानसभा प्रमुख श्रणित राऊत ने चेतावनी दी है कि यदि आगामी 5 से 7 दिनों के भीतर पुल निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो “करो या मरो” आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस संबंध में उपविभागीय अधिकारी, मोर्शी को ज्ञापन सौंपा गया।
दुर्घटनाओं का खतरा
ज्ञापन में बताया गया कि नांदगांव पेठ-पांढुर्णा मार्ग का निर्माण चार-पांच वर्ष पूर्व पूरा हो चुका है, लेकिन नला नदी पर पुल का एक हिस्सा आज भी अधूरा पड़ा है। इसके कारण लगातार दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। यह मार्ग मोर्शी, वरुड तथा तीर्थक्षेत्र सालबर्डी को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है, जहां वर्षभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं वाहन चालक आवागमन करते हैं। कांग्रेस पदाधिकारियों का आरोप है कि अधूरे पुल के कारण कई सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
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4 माह से काम बंद
पूर्व में भी विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा आंदोलन किए गए थे, जिसके बाद अधिकारियों ने जल्द निर्माण पूरा करने का आश्वासन दिया था। वहीं मार्च माह में पूर्व मंत्री यशोमती ठाकुर के मार्गदर्शन में पुल पर आंदोलन किया गया था। उस समय राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की अधिकारियों ने एक माह के भीतर कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन चार माह बीतने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि अब भी प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपते समय श्रणित राऊत, भूषण कोकाटे, चंदू जवंजाल, अमर कदम, कमले बरडे, प्रवीण खेरडे, गजानन चरपे, आशीष ठाकरे, राहुल ठाकरे, नितेश गोडबोले, अंकुश टेटू, चंदन राऊत सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं ग्रामीण नागरिक उपस्थित थे।
