

निजी अस्पतालों को इलाज, चिकित्सा सेवाओं और इलाज के पैकेज की दरें मराठी व अंग्रेजी में प्रदर्शित करनी होंगी।
दरों में बदलाव होने पर रेट लिस्ट तुरंत अपडेट करनी होगी और मरीजों को बिलिंग संबंधी जानकारी देनी होगी।
नियमों के पालन की निगरानी जिला स्वास्थ्य अधिकारियों और मनपा के चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारियों को करनी होगी।
Private Hospitals Treatment Rates Display Rules: मरीजों के हितों को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने निजी अस्पतालों में इलाज की दरें स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया है। इसके तहत अस्पतालों को मराठी और अंग्रेजी में रेट लिस्ट लगानी होगी, ताकि मरीज और उनके परिजन इलाज शुरू करने से पहले संभावित खर्च की जानकारी प्राप्त कर सकें।
अस्पतालों को विभिन्न चिकित्सा सेवाओं, सुविधाओं और उपचार पैकेज की दरें भी स्पष्ट रूप से बतानी होंगी। दरों में बदलाव होने पर सूची को तुरंत अपडेट करना होगा। सरकार ने बिलिंग में पारदर्शिता बनाए रखने और मरीजों की शिकायतें कम करने के लिए ये निर्देश दिए हैं।
नियमों का पालन नहीं करने वाले अस्पतालों के खिलाफ प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को जारी परिपत्रक में महाराष्ट्र नर्सिंग होम नियमावली, 2021 की अनुसूची-तीन के प्रावधानों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश केंद्र सरकार के स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय के 12 अक्टूबर के पत्र के बाद जारी किया गया है।
अस्पतालों को अपनी चिकित्सा सेवाओं, उपलब्ध सुविधाओं और उपचार पैकेज की दरें ऐसी जगह प्रदर्शित करनी होंगी, जहां मरीज और उनके परिजन आसानी से उन्हें देख सकें। दरों में बदलाव होने पर सूची तत्काल अद्यतन करनी होगी, ताकि मरीजों को सही जानकारी मिले।
अस्पतालों को मरीजों को सेवा शुल्क और विभिन्न उपचार पैकेज की दरों की पर्याप्त जानकारी देनी होगी। पंजीकरण, पूछताछ और बिलिंग काउंटर पर तैनात कर्मचारियों को भी मरीजों और उनके परिजनों का मार्गदर्शन करना होगा। इससे बिल संबंधी भ्रम और शिकायतों को कम करने में मदद मिलेगी।
मेडिकल वीजा या आयुष वीजा पर भारत जैसे देश में इलाज कराने आने वाले विदेशी मरीजों को सेवाएं देने वाले अस्पतालों को उनके लिए लागू विशेष उपचार पैकेज की दरें भी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होंगी। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बनाए रखना है।
अस्पतालों के पंजीकरण और निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को दर सूची प्रदर्शित करने संबंधी नियमों के पालन की समय-समय पर समीक्षा करनी होगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
महाराष्ट्र राज्य में सभी जिला शल्य चिकित्सकों, जिला स्वास्थ्य अधिकारियों और मनपाओं के चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारियों को अपने अधिकार क्षेत्र के निजी अस्पतालों और संबंधित चिकित्सा संस्थानों में इन निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा गया है।