

Nashik Godavari River Cleaning: नासिक आगामी सिंहस्थ कुंभमेले की भव्यता और पवित्रता को बनाए रखने के लिए नासिक महानगरपालिका ने एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। महापौर हिमगौरी आहेर-आडके ने जानकारी दी कि शहर को स्वच्छ, सुरक्षित सुव्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने अब 'मिशन मोड' और में काम शुरू कर दिया है।
गोदावरी और नंदिनी नदियों की सफाई के साथ-साथ शहर की कानून व्यवस्था को बिगाड़ने वाले तत्वों के खिलाफ भी कड़ा रुख अपनाया गया है। नदी और शहर की स्वच्छता प्राथमिकता: महापौर के अनुसार, कुंभमेले में देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को देखते हुए प्रदूषण नियंत्रण और कचरा प्रबंधन के लिए विशेष दल नियुक्त किए गए हैं।
नदी तटों की सफाई और जल प्रदूषण को रोकने के लिए आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जा रहा है ताकि नासिक की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित किया जा सके।
सफाई अभियान केवल कूड़े-कचरे तक सीमित नहीं है। महापौर ने साफ कर दिया है कि भूमि घोटाले टीडीआर और म्हाडा आवासीय मामलों में हुई चांचली की जांच तेज कर दी गई है।
चर्चित अशोक खरात मामले और अन्य संदिग्ध आर्थिक गतिविधियों की गहराई से पड़ताल की जा रही है। नियमों को ताक पर रखकर बनाई गई इमारतों और अतिक्रमण को हटाने के लिए विशेष दस्ते तैनात किए गए हैं।
महानगरपालिका और पुलिस प्रशासन के बेहतर तालमेल से असामाजिक तत्वों और भूमि माफियाओं पर नकेल कसी जा रही है। महापौर ने चेतावनी दी है कि शहर की पवित्रता से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सिंहस्थ से पहले नासिक को एक सुरक्षित और व्यवस्थित धार्मिक नगरी के रूप में पेश करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।