वाशिम ओडीएफ प्लस दर्जा बनाए रखने हेतु शाश्वत स्वच्छता पर जोर, सीईओ अर्पित चौहान की अपील

सीईओ अर्पित चौहान ने ओडीएफ प्लस दर्जा बनाए रखने के लिए शाश्वत स्वच्छता पर ध्यान देने की अपील की। कार्यशाला में ठोस कचरा प्रबंधन पर चर्चा हुई।
akola-197
Published on
Updated on

Washim News: स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज2 अंतर्गत ओडीएफ प्लस मॉडल विलेज और दृश्यमान स्वच्छता विषय पर आयोजित जिला स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला स्थानीय नियोजन भवन में संपन्न हुई.

इस अवसर पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अर्पित चौहान ने कहा कि ओडीएफ प्लस दर्जा बनाए रखने के लिए शाश्वत स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है.

सीईओ चौहान ने कार्यशाला में उपस्थित सरपंचों और ग्राम पंचायत अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन गांवों को बधाई दी जो खुले में शौच से मुक्त होकर ओडीएफ प्लस और मॉडल दर्जा प्राप्त कर चुके हैं.

उन्होंने अपील की कि यह दर्जा बनाए रखने के लिए गांवों में सीवेज और ठोस कचरा प्रबंधन का उचित नियोजन किया जाए तथा कचरे से खाद निर्माण जैसी पहलें अपनाई जाएं.उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरपंचों और ग्राम पंचायत अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे गांव अन्य के लिए मार्गदर्शक बनेंगे.

कार्यक्रम का प्रास्ताविक जिला पानी व स्वच्छता मिशन के उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी धैर्यशील पाटिल ने किया. मंच पर सहाय्यक गटविकास अधिकारी अविनाश ठाकुर, सहाय्यक प्रशासन अधिकारी विवेक भुयार तथा जिला क्षमता बिल्डिंग तज्ञ प्रफुल्ल काले उपस्थित थे.

कार्यशाला में ओडीएफ प्लस मॉडल विलेज की संकल्पना, ठोस कचरा और सीवेज प्रबंधन, सेग्रिगेशन शेड, नाडेप खाद गड्डे और प्लास्टिक कचरा प्रबंधन जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया गया.जिला कक्ष के राम श्रृंगारे, प्रफुल्ल काले, प्रशिक्षक प्रभू कांबले और प्रवीण पट्टेबहादुर ने विषय प्रस्तुत किए.

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com