जैन समुदाय के विकास के लिए 100 करोड़ का फंड, शिक्षा और स्वरोजगार को मिलेगा बड़ा सहारा

Maharashtra Jain Community: जैन समुदाय के शैक्षणिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए 100 करोड़ रुपये के फंड का रास्ता साफ हो गया है। नई योजना के तहत स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
Maharashtra Jain Community News
जैन कम्युनिटी वेलफेयर फंड (सौ. सोशल मीडिया )
Published on: 
Updated on: 

Maharashtra Jain Community News: महाराष्ट्रीयन जैन समुदाय की शैक्षणिक प्रगति और युवा उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए नई दिल्ली में एक ऐतिहासिक फैसला लिया गया है।

महाराष्ट्र सरकार के जैन अल्पसंख्यक आर्थिक विकास महामंडल और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास व वित्त महामंडल के बीच एक महत्वपूर्ण सामंजस्य करार (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

इस समझौते के तहत महाराष्ट्र में जैन समुदाय के कल्याण के लिए 100 करोड़ रुपए का फंड उपलब्ध कराया जाएगा। महामंडल के अध्यक्ष ललित गांधी ने इस फैसले को समाज के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। यह समझौता राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास व वित्त महामंडल के मुख्यालय में संपन्न हुआ।

प्रमुख अधिकारियों की उपस्थिति में हुए हस्ताक्षर

इस अवसर पर जैन अल्पसंख्यक आर्थिक विकास महामंडल के अध्यक्ष ललित गांधी और प्रबंध निदेशक मेधना शिंदे ने हस्ताक्षर किए, वहीं राष्ट्रीय महामंडल की ओर से महाव्यवस्थापक अनिल कुमार ने संस्थान की अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आभा रानी सिंह की मुख्य उपस्थिति में इस करार पत्र पर हस्ताक्षर किए, इस दौरान संदीप भंडारी, विकास आच्छा और विपिन जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

उच्च शिक्षा का अवसर

इस नई नीति और समझौते के बाद जैन समुदाय के कम आय वर्ग से आने वाले विद्यार्थियों के लिए आगे की राह आसान होगी, उन्हें देश या विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए बेहद सरल शतों पर और कम ब्याज दर पर एजुकेशन लोन उपलब्ध कराया जाएगा। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी छात्रों को पैसों की तंगी के कारण अपनी पढ़ाई बीच में नहीं छोड़नी पड़ेगी।

रोजगार के नए रास्ते

शिक्षा के साथ-साथ यह योजना समाज के युवाओं में बिजनेस संस्कृति को बढ़ावा देगी। युवा उद्यमियों को अपने नए स्टार्टअप या उद्योग-व्यवसाय को शुरू करने के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इससे न केवल युवाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी, बल्कि नए उद्यम स्थापित होने से रोजगार के अवसरों में भी भारी बढ़ोतरी होगी।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com