मुख्यमंत्री शिंदे ने पत्नी के साथ की विठ्ठल रुक्मिणी की पूजा-अर्चना (सोर्स-सोशल मीडिया)
मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर आषाढी एकादशी के अवसर पर पंढरपूर के विठ्ठल रुक्मिणी मंदिर में आधिकारिक महापूजा की। इसके बाद ही वारी में आने वाले लोगों के लिए दर्शन शुरू हुए। भगवान माऊली के दर्शन के लिए सुबह से ही वारकरी लोग लंबी लंबी कतारों में खड़े है। इस साल मुख्यमंत्री के साथ किसान बालू अहिरे (55) और उनकी पत्नी आशाबाई बालू अहिरे (50) (मु. अंबासन, त. सटाना. जि. नासिक) को महापूजा का सम्मान मिला। वह पिछले 16 सालों से पंढरपूर की यात्रा करते आ रहे है।
पंढरपूर के विठ्ठल रुक्मिणी मंदिर में आधिकारिक महापूजा करने के बाद एकनाथ शिंदे ने कहा कि मैं हमेशा भगवान विठ्ठल से जनता और किसानों खुशियां मांगी है। किसान खुशहाल हो। अच्छी बारिश हो। किसानों के जीवन में समृद्धी आए। राज्य के लोग खुश रहे। एकनाथ शिंदे ने बताया कि इस अवसर पर उन्होंने भगवान विठ्ठल से यही प्रार्थना की है कि राज्य के हर वर्ग के जीवन में खुशियां आए।
गोपीचंदन उटी तुळशीच्या माळा |
हार मिरविती गळा |
टाळ मृदुग घाई पुष्पवर्षाव |
अनुपम्य हा सुख सोहळा | आषाढी एकादशीच्या निमित्ताने पंढरपूरच्या विठ्ठल रखुमाई मंदिरात जाऊन सलग तिसऱ्यांदा प्रथेप्रमाणे शासकीय पूजा करण्याचे सौभाग्य मिळाले. यावेळी माझे वडील संभाजी शिंदे, पत्नी सौ.लता,… pic.twitter.com/cV5zwidvqy — Eknath Shinde – एकनाथ शिंदे (@mieknathshinde) July 17, 2024
सीएम शिंदे ने कहा कि आज चारों और भक्तिमय माहौल है। इस साल पिछले साल की तुलना से में अधिक वारकरी पंढरपूर में दर्शन के लिए आए है। भगवान विठ्ठल के आशिर्वाद से ही राज्य सरकार चल रही है।
इस अवसर पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री तानाजी सावंत, श्रम मंत्री सुरेश खाड़े, मंदिर समिती के अध्यक्ष गहिनीनाथ महाराज औसेकर, मंत्री गिरीश महाजन, पालक मंत्री चंद्रकांत पाटिल और दीपक केसरकर भी मौजूद थे। इनके अलावा बीजेपी और शिवसेना के कई विधायक भी मौजूद थे।
जानकारी के लिए बता दें कि वारी में आने वाले सभी लोगों के लिए आज के दिन का विशेष महत्व है। हर साल लाखों भक्त इस दिन का बेसब्री से इंतजार करते है। बताया जा रहा है कि इस साल लाख से अधिक वारकरी पंढरपूर पहुंच चुके है। चंद्रभागा में स्नान करने के लिए आधी रात से ही भक्तों को तांता लग गया था। विठ्ठल नाम के जयघोष के साथ पूरा पंढरपूर का माहौल भक्तिमय हो गया है।