

Devendra Fadnavis Cabinet 10 Big Decisions: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के युवाओं, किसानों, न्यायिक ढांचे और औद्योगिकीकरण को गति देने के लिए कैबिनेट बैठक में कई ऐतिहासिक फैसलों पर अपनी मुहर लगा दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में सामान्य प्रशासन, गृह, कानून एवं न्यायपालिका और राजस्व विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई।
फडणवीस कैबिनेट ने महाराष्ट्र के युवाओं के लिए सबसे बड़ा फैसला पूर्व अग्निवीरों को लेकर लिया है। सशस्त्र बलों में अपनी चार साल की सेवा पूरी करके लौटने वाले अग्निवीरों को महाराष्ट्र सरकार की ग्रुप 'C' की वर्दीधारी सेवाओं में 10% हॉरिजॉन्टल रिजर्वेशन देने की नीति को अंतिम रूप दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा तैयार इस नीति से सेना से सेवानिवृत्त युवाओं को राज्य सेवा में सम्मानजनक रोजगार के अवसर मिलेंगे।
महाराष्ट्र की चारा विकास नीति की घोषणा कर दी गई है। यह नीति राज्य के पशुधन के लिए ज़रूरी चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी। इसमें जिलेवार चारा उत्पादन, खेती योग्य घास और चारा देने वाले पेड़ों की सूची, बेहतर चारा फ़सलें, और पारंपरिक व गैर-पारंपरिक चारा स्रोतों पर विस्तार से बात की गई है। इसमें सरकार की अलग-अलग चारा विकास योजनाओं की योजना बनाना भी शामिल है। इस पहल से डेयरी और पशुपालन क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा, जो खेती से जुड़ी गतिविधियां हैं।
गृह विभाग और न्यायपालिका को मजबूत करने के लिए कई अहम पदों के सृजन और कानून संशोधनों को मंजूरी दी गई है। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरीज के निदेशालय में 2,761 पदों के लिए संशोधित स्टाफिंग पैटर्न को मंजूरी दी गई। साथ ही महाराष्ट्र जेल और सुधार सेवा अधिनियम, 2025 में संशोधन को भी मंजूरी दी गई।
महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक में बॉम्बे हाई कोर्ट की कोल्हापुर सर्किट बेंच के लिए अलग-अलग कैटेगरी में 459 पद बनाने की मंजूरी दी गई है। इनमें ग्रुप A के 20 पद, ग्रुप B के 35 पद, ग्रुप C के 276 पद और ग्रुप D के 128 पद शामिल हैं। इन पदों से जुड़े खर्चों को पूरा करने के लिए जरूरी वित्तीय प्रावधानों को भी मंजूरी दी गई है।
वहीं छत्रपति संभाजीनगर के वालुज में एक सिविल कोर्ट (जूनियर डिवीजन) और एक ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास कोर्ट की स्थापना होगी। कोर्ट की स्थापना, न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए पद बनाने और जरूरी वित्तीय प्रावधानों को मंजूरी दी गई है।
फडणवीस सरकार ने नागपुर जिले की उमरेड तालुका के मौजा बेला में 2 हेक्टेयर और 37 आर सरकारी जमीन MHADA (महाराष्ट्र आवास और क्षेत्र विकास प्राधिकरण) को ट्रांसफर करने की मंजूरी दी गई। MHADA इस जगह पर जरूरतमंदों और गरीबों के लिए किफायती आवास परियोजना (स्मार्ट विलेज) लागू करेगा।
सूर्या परियोजना से प्रभावित लोगों को 56 साल बाद न्याय मिला है। कैबिनेट की बैठक में पालघर के नेवाले और हनुमाननगर में जमीन के दोबारा आवंटन की मंजूरी दी गई। परियोजना से प्रभावित लोगों के नाम जमीन के रिकॉर्ड (सात-बारा) में दर्ज करने की मंजूरी दी गई।
फडणवीस सरकार की कैबिनेट बैठक में मुंबई के अंधेरी तालुका के बांद्रा में जमीन के एक प्लॉट की लीज को रिन्यू करने की मंजूरी दी गई है। यह लीज रिन्यूअल 'नेशनल सोसाइटीज फॉर क्लीन सिटीज' नाम की सामाजिक संस्था को अलॉट किए गए 6,110 वर्ग मीटर के प्लॉट के लिए है।
राज्य में निवेश को आकर्षित करने के लिए लॉजिस्टिक्स नीति में ढील दी गई है। अब हर जिले में बनने वाले लॉजिस्टिक्स पार्क की अधिकतम सीमा वाला नियम हटा दिया गया है। साथ ही, जोन 3 में विकसित होने वाले पार्कों को विशेष कैपिटल इंसेंटिव और जोन 1 व 2 में 100% तथा जोन 3 में 75% स्टाम्प ड्यूटी में छूट प्रदान की जाएगी। साथ ही राज्य-स्तरीय कमेटियों के गठन में बदलाव किए गए हैं।