महाराष्ट्र के चंद्रपुर समेत 5 जिलों में लागू होगी महाजलग्रहण परियोजना, किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य
Chandrapur News: चंद्रपुर समेत 5 जिलों में हाई इम्पैक्ट मेगा वॉटरशेड परियोजना लागू होगी। 878 माइक्रो वॉटरशेड से 4.39 लाख हेक्टे भूमि का उपचार होगा और एक लाख किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य है।
- Written By: रूपम सिंह
चंद्रपुर महाजलग्रहण परियोजना (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Chandrapur Mega Watershed Project: महाराष्ट्र ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत एक्सिस बैंक फाउंडेशन, भारत ग्रामीण आजीविका फाउंडेशन तथा मनरेगा के बीच हुए आपसी समझौता ज्ञापन के पश्चात राज्य के चंद्रपुर, गड़चिरोली, गोंदिया, नांदेड़ और यवतमाल इन 5 जिलों में प्रभावशाली महाजलग्रहण परियोजना (हाई इम्पैक्ट मेगा वॉटरशेड प्रोजेक्ट महाराष्ट्र) लागू की जाएगी।
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाते हुए कार्यों की योजना, समन्वय एवं प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग प्रदान करना है। इसके लिए भारत ग्रामीण आजीविका फाउंडेशन की ओर से 10 नागरिक सामाजिक संगठनों का चयन किया गया है। प्रत्येक संगठन दो-दो तहसीलों में कार्य करेगा।
यह परियोजना आगामी 5 वर्षों की अवधि में क्रियान्वित की जाएगी। परियोजना के अंतर्गत 26 तहसीलों में कुल 878 माइक्रो वॉटरशेड का विकास कियाजाएगा, जिसके माध्यम से लगभग 4.39 लाख हेक्टे भूमि का उपचार होगा।
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दोगुनी होगी किसानों की आय
इस परियोजना के तहत प्रमुख लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं जिसमें कम से कम एक लाख किसानों की आय दोगुनी करना, लगभग 1.77 लाख हेक्टेयर असिंचित भूमि को सिंचित करना, 800 ग्राम रोजगार सेवकों तथा 6 हजार बचत समूह सदस्यों को जिला योजना रिपोर्ट एवं आजीविका योजना के प्रभावी नियोजन व क्रियान्वयन हेतु
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प्रशिक्षण देना, मृदा एवं जल संरक्षण प्रबंधन माध्यम से भूमि में नमी बनाए रखना तथा वर्षा पर निर्भरता कम करना, बहुफसली प्रणाली को प्रोत्साहन देना, मनरेगा निधि का उपयोग कर टिकाऊ एवं उत्पादक संरचनाओं का निर्माण करना, प्रशासनिक नेतृत्व एवं संबंधित विभागों के साथ अभिसरण कर परियोजना का सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन करना है।
जिलों से सहयोग अपेक्षित
जिला स्तरीय कार्यशालाओं के आयोजन में सहायता, जिला स्तरीय समन्वय समिति का गठन तथा मासिक बैठकों का आयोजन, तहसील स्तरीय समन्वय समितियों का गठन, कृषि विभाग, वन विभाग, जल जीवन मिशन, पशुपालन विभाग, सिंचाई विभाग, जिला परिषद एवं अन्य विभागों के साथ समन्वय हेतु प्रत्येक विभाग से एक-एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति यह सहयोग उक्त जिलों से अपेक्षित है।
चूंकि यह परियोजना पांच वर्षों में पूर्ण की जानी है, इसलिए सभी संबंधित विभागों के बीच परस्पर सहयोग एवं समन्वय के लिए जिला प्रशासन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, ऐसा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के आयुक्त ने स्पष्ट किया है।
