

Aditya Motegaonkar Banned For Two Years: नीट-यूजी 2026 के चर्चित प्रश्नपत्र लीक मामले में लातूर के मशहूर मोटेगांवकर परिवार की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने आरसीसी कोचिंग क्लासेस के संचालक एवं कैमेस्ट्री के प्रसिद्ध शिक्षक शिवराज मोटेगांवकर के बेटे आदित्य मोटेगांवकर के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
एनटीए ने आदित्य मोटेगांवकर की नीट-यूजी 2026 की उम्मीदवारी रद्द कर दी है। साथ ही, उन्हें वर्ष 2027 की नीट परीक्षा में शामिल होने के लिए भी अयोग्य घोषित कर दिया गया है। इस तरह आदित्य पर दो वर्ष तक नीट परीक्षा में बैठने पर रोक लग गई है।
3 मई 2026 को हुई नीट-यूजी परीक्षा के प्रश्नपत्र के कथित रूप से लीक होने के मामले में आदित्य पर प्रश्नपत्र प्राप्त करने या उसे साझा करने का आरोप लगाया गया था। इस संबंध में एनटीए ने 15 जुलाई को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था। हालांकि, आदित्य ने अपने जवाब में किसी भी तरह के गैरप्रकार के आरोप से इनकार किया था। उन्होंने अपने खिलाफ मौजूद साक्ष्यों तथा सीबीआई से प्राप्त जानकारी उपलब्ध कराने की मांग भी की थी।
3 मई को हुई नीट परीक्षा रद्द किए जाने के बाद 20 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई थी। हालांकि, आदित्य मोटेगांवकर का परिणाम एनटीए ने रोक दिया था। इसके बाद आदित्य ने इस निर्णय के खिलाफ उच्च न्यायालय का रुख किया। अदालत ने एनटीए को मामले में अंतिम निर्णय लेने के निर्देश दिए थे।
इसी बीच सीबीआई ने 17 सितंबर को एनटीए को पत्र भेजकर आदित्य को मई 2026 की नीट प्रश्नपत्र लीक के कथित मामले में लाभार्थी बताया। एनटीए की अनफेयर मीन्स प्रैक्टिसेज (यूएफएम) समिति ने उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों की समीक्षा के बाद मामले को नीट में अनुचित साधनों के इस्तेमाल की श्रेणी में माना।
इसके बाद आदित्य मोटेगांवकर की नीट-यूजी 2026 की उम्मीदवारी रद्द करने तथा उन्हें नीट-यूजी 2027 में शामिल होने से रोकने का अंतिम निर्णय लिया गया। एनटीए के पत्र के अनुसार, 15 सितंबर 2026 को अदालत द्वारा दिए गए निर्देशों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। हालांकि, आदित्य ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है। एनटीए ने सीबीआई से प्राप्त जानकारी और उपलब्ध सामग्री के आधार पर कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
नीट पेपर लीक मामले में आदित्य के पिता शिवराज मोटेगांवकर भी सीबीआई की जांच के दायरे में हैं। सीबीआई के अनुसार, शिवराज मोटेगांवकर के मोबाइल फोन में रसायनशास्त्र के 132 हस्तलिखित प्रश्नों की तस्वीरें मिली थीं। जांच एजेंसी ने अदालत में दावा किया कि इनमें से करीब 111 प्रश्न एनटीए के प्रश्नसंच से मेल खाते हैं।
सीबीआई के आरोप के मुताबिक, आदित्य सहआरोपी पी.वी. कुलकर्णी की विशेष कक्षाओं में शामिल हुआ था और वहां उसे कथित तौर पर लीक हुए रसायनशास्त्र के प्रश्न मिले थे। अब इसी मामले में एनटीए ने आदित्य को दो वर्ष के लिए नीट परीक्षा से बाहर कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद एक ओर जहां शिवराज मोटेगांवकर सीबीआई जांच के घेरे में हैं, वहीं उनके बेटे आदित्य पर दो वर्ष तक नीट परीक्षा में शामिल होने पर रोक लग गई है।