बैल की जगह खेत में पत्नी को हांकते किसान को देख पसीजा सीएम का दिल, फडणवीस ने की तत्काल मदद

Latur Devendra Fadnavis Farmer Kashinath Gaikwad Ox Help: लातूर में बैल की जगह हल खींच रही महिला का वीडियो देख पसीजा देवेंद्र फडणवीस का दिल; प्रशासन ने तुरंत सौंपा बैल और नकद सहायता।
Devendra Fadnavis Help Latur Farmer
लातूर के पीड़ित किसान काशीनाथ गायकवाड़ को मुख्यमंत्री की मदद से मिला नया बैल (फोटो क्रेडिट-X)
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Devendra Fadnavis Help Latur Farmer: लातूर जिले के देवानी तालुका में स्थित बोम्बाली (बोम्बाली बुद्रुक) गांव के रहने वाले काशीनाथ गायकवाड़ एक भूमिहीन खेतिहर मजदूर हैं। वे दूसरों के खेतों में पारंपरिक तरीके से जुताई और किसानी करके किसी तरह अपने बड़े परिवार का भरण-पोषण करते हैं। गायकवाड़ के परिवार में उनके दो बेटे और चार बेटियां हैं। यानी कुल छह बच्चों समेत आठ लोगों के पालन-पोषण की पूरी जिम्मेदारी इसी मजदूरी पर टिकी है।

बुवाई के मौजूदा महत्वपूर्ण सीजन के दौरान बीती 5 जून को इलाके में आए भीषण तूफान और बिजली गिरने की घटना में काशीनाथ के एक बैल की तड़पकर मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे आर्थिक और मानसिक संकट में धकेल दिया। सारे रास्ते बंद होने के बाद, बुवाई का समय हाथ से न निकल जाए, इसलिए गायकवाड़ की पत्नी ने खुद एक बैल की जगह हल में जुतने का अत्यंत कड़ा फैसला लिया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो, सीधे शासन तक पहुंची गूंज

खेत में एक महिला को बैल की जगह हल खींचते और जुआ अपने कमजोर कंधों पर उठाए दौड़ते देखने का यह मंजर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस दिल दहला देने वाले वीडियो को देखकर इंटरनेट पर हजारों नागरिकों ने दुख व्यक्त किया और पीड़ित परिवार के लिए तुरंत सरकारी मदद की मांग उठाई। इस बीच यह मार्मिक वीडियो जैसे ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास पहुंचा, उन्होंने अपनी संवेदनशीलता दिखाते हुए लातूर के जिला कलेक्टर (DM) को बिना कोई वक्त गंवाए मामले की जमीनी जांच करने और तुरंत हर संभव सहायता मुहैया कराने का सख्त आदेश जारी कर दिया।

जिला प्रशासन ने सुबह 7 बजे खेत के बांध पर पहुंचकर सौंपा बैल

मुख्यमंत्री और शासन स्तर से मिले कड़े निर्देशों के बाद देवानी के तहसीलदार सोमनाथ वाडकर कल खुद गायकवाड़ परिवार के घर पहुंचे और पूरी स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने बिना किसी लालफीताशाही और कागजी झंझट के तुरंत एक स्थानीय गौशाला से संपर्क साधा और वहां से एक तंदुरुस्त बैल का इंतजाम किया। आज सुबह ठीक सात बजे जब पूरा गांव सोकर उठ ही रहा था, प्रशासनिक अधिकारी सीधे काशीनाथ गायकवाड़ के खेत के बांध पर बैल लेकर पहुंच गए। अधिकारियों ने अपने हाथों से पीड़ित किसान को बैल सौंपा, जिसके तुरंत बाद खेत में दोबारा सुचारू रूप से जुताई का काम शुरू हो सका।

आपदा प्रबंधन और हक फाउंडेशन की ओर से मिली बंपर आर्थिक सहायता

बैल मुहैया कराने के साथ-साथ प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने गायकवाड़ परिवार की तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिए पैसों का भी इंतजाम किया। सरकारी आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा तुरंत 32 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत कर पीड़ित परिवार के सुपुर्द की गई। इसके अतिरिक्त, स्थानीय विधायक संभाजी पाटिल नीलांगेकर की संस्था 'हक फाउंडेशन' ने भी अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए इस गरीब परिवार को अलग से 20 हजार रुपये की नकद मदद दी। केवल एक दिन के भीतर सरकारी और सामाजिक स्तर पर कुल 52 हजार रुपये की आर्थिक मदद और बैल मिल जाने पर काशीनाथ गायकवाड़ ने देवेंद्र फडणवीस और जिला प्रशासन का प्रत्यक्ष आभार जताते हुए गहरा संतोष व्यक्त किया है।

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