

Navi Mumbai Nerul Christian Nurse FIR: महाराष्ट्र के नवी मुंबई अंतर्गत नेरुल क्षेत्र में धार्मिक सौहार्द को बिगाड़ने वाली एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाली घटना प्रकाश में आई है। यहां के एक हॉस्टल में रहने वाली ईसाई समुदाय की एक नर्स पर जानबूझकर हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों और पूजास्थल (मंदिर) का अपमान करने का गंभीर आरोप लगा है।
धार्मिक द्वेष और वैमनस्य से प्रेरित इस पूरे कृत्य के विरोध में पीड़ित महिला के भाई हर्षद पाटिल ने 'हिंदू जनजागृति समिति' (HJS) से संपर्क साधा। समिति के पदाधिकारियों के त्वरित और कड़े हस्तक्षेप के बाद इस मामले में स्थानीय नेरुल पुलिस स्टेशन में आरोपी नर्स के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
शिकायत के अनुसार, आगामी 5 जून 2026 को जब हर्षला पाटिल दिनभर का अपना काम खत्म करके हॉस्टल के कमरे पर वापस लौटीं, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गईं। हॉल में पूरी श्रद्धा के साथ स्थापित किया गया उनका मंदिर जूते-चप्पल उतारने की जगह पर फेंक दिया गया था और भगवान की मूर्तियां नीचे गिरी हुई थीं। जब हर्षला ने इस घोर अपमान को लेकर रूम पार्टनर नर्स से सवाल किया, तो उसने धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाते हुए कहा कि वह एक ईसाई है और उसे अपने सामने ये भगवान नहीं चाहिए।
हॉस्टल के भीतर धार्मिक द्वेष फैलाने की इस घटना की जानकारी जब संबंधित अस्पताल प्रबंधन के प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंची, तो उन्होंने मामले को बेहद गंभीरता से लिया। प्रबंधन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए 6 जून 2026 को आरोपी नर्स को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। नौकरी से निकाले जाने से क्रोधित होकर वह उसी दिन शाम को अपना सामान समेटने के बहाने दोबारा हॉस्टल के कमरे में घुसी। उसने बदले की भावना से एक बार फिर मंदिर को जूतों के स्टैंड के पास रख दिया और जाते-जाते गुंडागर्दी करते हुए हर्षला को हॉस्टल के बाहर मिलने और देख लेने की धमकी दी।
इस पूरे विवाद और अभद्रता की जानकारी मिलते ही हिंदू जनजागृति समिति का एक प्रतिनिधिमंडल नेरुल पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अजय कांबले से मिलने पहुंचा। संगठन ने पुलिस को घटना की पूरी कड़ियों से अवगत कराया और आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी सुनिश्चित करने को कहा। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी ईसाई नर्स के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 298 और 351(2) के तहत प्राथमिकी (FIR क्र. 0311) दर्ज कर ली है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मजहबी नफरत फैलाने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही आरोपी को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।