Latur Coaching Industry: नीट पेपर लीक के बाद फेल हुआ लातूर मॉडल, कोचिंग उद्योग में 40% तक घटे प्रवेश
नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई की कार्रवाई के बाद Latur Coaching Industry पर बड़ा असर पड़ा है। प्रवेशों में करीब 40 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई है, जिससे शिक्षा और उससे जुड़े कारोबार चिंतित हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
लातूर कोचिंग इंडस्ट्री (सौ. सोशल मीडिया )
Latur Coaching Industry Hit After Neet Paper Leak: नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई द्वारा लातूर के तीन प्रमुख लोगों की गिरफ्तारी के बाद शहर का कोचिंग उद्योग संकट के दौर से गुजर रहा है। कोचिंग संस्थानों का पूरा नेटवर्क जांच के दायरे में आने से इस वर्ष प्रवेशों में करीब 40 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
हालांकि स्थानीय कारोबारियों का दावा है कि यह गिरावट मुख्य रूप से सोशल मीडिया पर फैलाई गई नकारात्मक खबरों और अफवाहों का परिणाम है। लातूर को वर्षों से मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए राज्य का प्रमुख शिक्षा केंद्र माना जाता रहा है।
नीट पेपर लीक मामले का असर
शहर में 300 से अधिक छात्रावास संचालित हैं और हजारों परिवारों की आजीविका सीधे या परोक्ष रूप से कोचिंग उद्योग पर निर्भर है। वर्तमान में शहर में 12वीं की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बाहर से आए 70 से 80 हजार विद्यार्थी मौजूद हैं।
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क्षेत्र में पहले से ही कई चुनौतियां
नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने शहर के प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान आरसीसी के संस्थापक शिवराज रघुनाथ मोटेगावकर, सेवानिवृत्त प्राध्यापक पीवी कुलकर्णी और अभिभावक डॉ मनोज शिरुरे को गिरफ्तार किया है। इसके बाद से शिक्षा क्षेत्र से जुड़े व्यवसायों में चिंता का माहौल है।
व्यापारियों, छात्रावास संचालको और कोचिंग संस्थानों के प्रतिनिधियों का कहना है कि यह क्षेत्र पहले से ही कई चुनौतियों का सामना कर रहा था। इसी बीच जिला उद्योग केंद्र के एक आदेश ने भी चिंता बढ़ा दी है। आदेश में औद्योगिक उपयोग के लिए आवंटित शेडों में चल रही गैरकानूनी व्यावसायिक गतिविधियों को तत्काल बंद करने के निर्देश दिए।
