Pujari Arrested in Jalna for rape minor प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स AI)
Pujari Arrested in Jalna: महाराष्ट्र के जालना जिले से आस्था को शर्मसार करने वाली एक अत्यंत विचलित करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक प्रसिद्ध तीर्थस्थल के 28 वर्षीय पुजारी पर 13 साल के नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगा है। जालना की घनसावंगी तहसील में हुई इस घटना ने स्थानीय नागरिकों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। पुलिस ने आरोपी पुजारी के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) अधिनियम की कठोर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है।
यह मामला 18 फरवरी 2026 को तब प्रकाश में आया जब पीड़ित बच्चे के पिता ने जालना पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी नीलेश शशिकांत कुलकर्णी मूल रूप से धाराशिव जिले का रहने वाला है और पिछले कुछ समय से जाम्ब समर्थ इलाके के एक तीर्थस्थल पर पुजारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहा था।
प्राथमिक जांच और दर्ज शिकायत के मुताबिक, आरोपी पुजारी ने नाबालिग बच्चे को चॉकलेट दिलाने का झांसा देकर अपने निजी कमरे में बुलाया। वहाँ उसने पवित्र संबंधों और अपनी धार्मिक पदवी की गरिमा को ताक पर रखकर बच्चे के साथ दरिंदगी की। आरोपी ने मासूम को इस कदर डरा दिया था कि उसने किसी को भी इस बारे में न बताने की धमकी दी। हालांकि, घर लौटने के बाद बच्चे के व्यवहार में आए अचानक बदलाव और गुमसुम रहने की आदत ने माता-पिता को चौंका दिया, जिसके बाद गहन पूछताछ में पूरी सच्चाई सामने आई।
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घनसावंगी पुलिस थाने के उपनिरीक्षक एके ढाकने ने बताया कि आरोपी के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की है। कानून के अनुसार, नाबालिगों के खिलाफ इस तरह के जघन्य अपराधों में उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी ने पहले भी किसी अन्य बच्चे को अपनी हवस का शिकार बनाया है।
इस घटना ने धार्मिक स्थलों पर बच्चों की सुरक्षा और वहां काम करने वाले कर्मचारियों के चरित्र सत्यापन (Verification) पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि ऐसे पवित्र स्थलों पर सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की संख्या बढ़ाई जाए और पुजारियों व कर्मचारियों की नियुक्ति से पहले उनके आपराधिक रिकॉर्ड की गहन जांच हो। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और जांच में सहयोग करें। तीर्थस्थल से जुड़े अन्य लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं ताकि मामले की तह तक पहुँचा जा सके।