

Manoj Jarange Patil Attacks Radhakrishna Vikhe Patil: जालना के अंतरवाली सराटी से मराठा आरक्षण आंदोलन को लेकर इस वक्त की सबसे बड़ी अपडेट सामने आ रही है। आरक्षण की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे मनोज जरांगे पाटिल के आंदोलन का आज 11वां दिन पूरा हो चुका है। लगातार जारी भूख हड़ताल के कारण जरांगे पाटिल की शारीरिक स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है।
उनकी शुगर लेवल नीचे गिर गई है और इन 11 दिनों के भीतर उनका वजन करीब 7 किलो तक घट चुका है। भारी कमजोरी और शारीरिक थकान के बावजूद जरांगे पाटिल के हौसले बुलंद हैं और उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सरकार पर तीखे शब्दों में राजनीतिक तोपों की बौछार कर दी है।
कैबिनेट मंत्री और मराठा आरक्षण उपसमिति के अध्यक्ष राधाकृष्ण विखे पाटिल पर बोला है। विखे पाटिल के बयानों पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए जरांगे ने उन्हें मराठा समाज के लिए कलंक करार दिया।
उन्होंने बेहद आक्रामक अंदाज में कहा, विखे पाटिल ने पूरे सालभर मराठों को गुमराह किया है और उन्हें धोखा दिया है, जिसकी बहुत बड़ी राजनीतिक कीमत उन्हें आने वाले समय में चुकानी ही पड़ेगी। जरांगे ने आरोप लगाया कि विखे पाटिल केवल पैसे के बल पर अपनी राजनीति चमकाते हैं और अपनी विफलताओं को छुपाने के लिए भागने का रास्ता खोज रहे हैं।
इसके साथ ही मनाेज जरांगे पाटिल ने गृह विभाग की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाते हुए सीधे चुनौती दे डाली। उन्होंने कहा कि पूर्व के आंदोलनों के दौरान प्रदर्शनकारियों पर होने वाली कार्रवाई की योजना सरकार द्वारा पहले से ही तैयार की गई थी।
जरांगे ने आक्रामक लहजे में कहा, यदि सरकार को हमसे इतनी ही नफरत है, तो देवेंद्र फडणवीस और विखे पाटिल में हिम्मत है तो वे हमारे ऊपर फिर से सीधा हमला करके दिखाएं। उन्होंने फडणवीस से सवाल किया कि जो उन्होंने वादा किया था कि दो महीनों के भीतर हैदराबाद गजट के आधार पर आरक्षण दिलाएंगे, वह वादा और आरक्षण अब कहां गायब हो गया है?
जरांगे ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें अब सरकार के किसी भी बातचीत करने वाले शिष्टमंडल की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार मार्ग नहीं निकालती है, तो वे आंदोलन की अगली दिशा खुद तय करेंगे और उनका अगला मोर्चा सीधे विखे पाटिल के गांव लोणी की ओर कूच करेगा।
आंदोलन की अंतिम और निर्णायक दिशा तय करने के लिए 12 सितंबर को अंतरवाली सराटी में पूरे महाराष्ट्र के मराठा समाज की एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक बैठक का आयोजन किया गया है।