

Maharashtra Maritime Power: महाराष्ट्र में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) से जुड़े महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को लेकर जेएनपीटी में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे राज्य के औद्योगिक और व्यापारिक विकास के लिए अहम पड़ाव बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ोदरा से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित किया और चार मालगाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
सीएम फडणवीस ने पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के तहत न्यू उंबरगांव से जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (JNPT) तक विकसित किए जा रहे मिसिंग लिंक को महाराष्ट्र के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बताया गया। करीब 1,500 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर पांच राज्यों से होकर गुजरता है। पालघर, वसई, वैतरणा और उल्हास नदी क्षेत्र के दलदली ‘मरीन क्ले’ इलाके में रेल लाइन का निर्माण इंजीनियरिंग की बड़ी चुनौती थी।
फडणवीस ने कहा कि 2014 के बाद केंद्र सरकार ने पश्चिमी फ्रेट कॉरिडोर के काम को गति दी। उनके मुताबिक, भारत की लॉजिस्टिक्स लागत पिछले एक दशक में 14 प्रतिशत से घटकर करीब 10 प्रतिशत हुई है। जबकि पड़ोसी चीन की 7 प्रतिशत है। DFC के पूरा होने के बाद इसे 7 प्रतिशत से नीचे लाने का लक्ष्य है। इससे हम चीन का मुकाबला करते हुए देश को वैश्विक सप्लाई चेन का प्रमुख केंद्र बनाने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने सक्षम होंगे। इसके साथ ही महाराष्ट्र में विकसित हो रहा वाढवण बंदरगाह भी समुद्री व्यापार को नई दिशा देगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि JNPT और वाढवण बंदरगाह मिलकर महाराष्ट्र को देश की ‘Maritime Power’ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। JNPT की भूमिका भी इस परियोजना में अहम है। मुख्यमंत्री के अनुसार, डबल-स्टैक कंटेनर ट्रेनों के परिचालन को ध्यान में रखते हुए कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। इस मार्ग पर चार सुरंगों के साथ सैकड़ों पुल और फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं। परियोजना में करीब 147 लाख घनमीटर अर्थवर्क किया जाना है। कलंबोली में मौजूदा रेल यातायात को बाधित किए बिना 110 मीटर लंबे और करीब 3,000 टन वजनी फ्लाईओवर गर्डर को स्थापित करना भी बड़ी इंजीनियरिंग चुनौती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बंदरगाह देश के प्रमुख कंटेनर केंद्रों में शामिल है और अप्रैल से अगस्त के बीच करीब 38.27 लाख TEU कंटेनर संभाले गए। अगस्त में ही यह आंकड़ा करीब 8.32 लाख TEU रहा। DFC के पूरा होने के बाद JNPT की कंटेनर हैंडलिंग क्षमता में करीब 15 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद जताई गई है। सरकार का लक्ष्य 2029-30 तक JNPT को 10 मिलियन TEU से अधिक क्षमता वाले प्रमुख वैश्विक स्तर के बंदरगाहों में विकसित करना है। DFC से तेज माल ढुलाई, बंदरगाहों और औद्योगिक क्षेत्रों के बीच बेहतर रेल कनेक्टिविटी तथा लॉजिस्टिक्स लागत में कमी से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
जेएनपीटी में हुए इस विशेष लोकार्पण कार्यक्रम में राज्यपाल जिष्णुदेव वर्मा,उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, सुनेत्रा अजित पवार, महिला विकास मंत्री अदिति तटकरे, मंत्री भरतशेठ गोगावले सहित राज्य के वरिष्ठ अधिकारी व पदाधिकारी उपस्थित थे।