

Maratha Reservation Protest Updates: जालना में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर अनशन कर रहे Manoj Jarange ने एक बार फिर चिकित्सा उपचार लेने से इनकार कर दिया है। सरकार की ओर से आश्वासन के बावजूद मांगों पर तय समय में ठोस कार्रवाई नहीं होने से नाराज जरांगे ने पानी और सलाइन लेना भी बंद कर दिया है।
उन्होंने मेडिकल टीम को स्वास्थ्य जांच की अनुमति देने से भी इनकार कर दिया। जरांगे ने साफ कहा है कि जब तक उनकी सभी मांगों का प्रत्यक्ष रूप से क्रियान्वयन नहीं होता, तब तक वह कोई उपचार नहीं लेंगे।
इससे पहले सरकार के मंत्रियों के प्रतिनिधिमंडल की अपील के बाद उन्होंने पानी पीने और सलाइन लेने पर सहमति जताई थी। हालांकि, मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने से उन्होंने फिर उपचार बंद कर दिया।
जरांगे ने कहा कि जब तक सरकार हमारी सभी मांगों को वास्तव में लागू नहीं करती, तब तक मैं कुछ भी नहीं लूंगा और इलाज भी नहीं करवाऊंगा। उनकी इस भूमिका से सरकार की मुश्किलें बढ़ गई है। सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने मांगों पर एक-दो दिन में निर्णय की जानकारी देने का आश्वासन दिया है, लेकिन जरांगे तत्काल अमल की मांग पर अड़े हुए है।
मनेज जरांगे ने कहा है कि मांगे पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने 12 सितंबर को मुंबई पहुंचने का निर्णय भी कायम रखा है। उनकी आक्रामक भूमिका के बाद मराठा आरक्षण का मुद्दा फिर राज्य की राजनीति के केंद्र में आ गया है।
मुंबई पुलिस ने संभावित सुरक्षा खतरों और सार्वजनिक शांति को ध्यान में रखते हुए पूरे मुंबई शहर में 15 दिनों के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दी है। यह आदेश 9 सितंबर की मध्यरात्रि से प्रभावी होकर 23 सितंबर की रात 11:59 बजे तक लागू रहेगा। 15 दिन के लिए कथित तौर पर लॉक डाउन जैसी परिस्थिति रहेगी।
डीसीपी अकबर पठान द्वारा हस्ताक्षरित इस अधिसूचना को सार्वजनिक व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से जारी किया गया है। बिना पूर्व अनुमति के पांच या उससे अधिक लोगों के एक साथ जमा होने, सार्वजनिक जुलूस निकालने और लाउडस्पीकर, साउंड एम्प्लीफायर, म्यूजिक बैंड या आतिशबाजी के उपयोग पर रोक लगा दी गई है।