जालना में सड़क हादसों का कहर: 10 माह में 298 मौतें, 459 लोग हुए विकलांग

Jalna News: जालना जिले में सड़क हादसे तेजी से बढ़े हैं। 10 महीनों में 607 दुर्घटनाओं में 298 लोगों की मौत और 459 लोग अपंग हुए। अधिकांश हादसे तेज रफ्तार, नशे में ड्राइविंग और नियमों की अनदेखी से हुए।
हादसा
प्रतीकात्मक तस्वीर
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Jalna Road Accidents Report: जालना जिले में सड़क दुर्घटनाओं का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है व बेहद चिंताजनक है। 10 महीनों में जिले में 607 सड़क हादसे दर्ज किए गए, जिनमें से 264 हादसे घातक साबित हुए व 298 लोगों की जान चली गई। 277 गंभीर हादसों में 459 लोग स्थायी रूप से अपंग हो गए। इसके अतिरिक्त 30 मामूली दुर्घटनाओं में 160 लोग घायल हुए हैं।

दुर्घटनाओं के आंकड़ों में सबसे अधिक चिंताजनक पहलू यह है कि तहसील पुलिस थाने के क्षेत्र में सबसे ज्यादा 82 हादसे दर्ज किए गए। सेवली पुलिस थाने में सबसे कम केवल 2 हादसे हुए हैं। यातायात पुलिस व परिवहन विभाग की ओर से सड़क सुरक्षा के लिए जन जागरूकता अभियान चलाने के बावजूद हादसों में कोई कमी नहीं आ रही।

वर्ष 2024 में जिले में 516 हादसे दर्ज हुए थे, जबकि इस वर्ष केवल 10 माह के भीतर सड़क दुर्घटनाओं की संख्या बढ़कर 607 हो गई है यानी 91 हादसे अधिक हैं। अधिकतर हादसे तेज रफ्तार के कारण हुए हैं, जबकि अन्य प्रमुख कारणों में नशे की हालत में वाहन चलाना, ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल, यातायात नियमों की अनदेखी रिपोर्ट में यह भी पाया गया है कि कई मामलों में एक चालक की लापरवाही दूसरे चालक व यात्रियों की जान पर भारी पड़ी है।

सुरक्षित ड्राइविंग को देना चाहिए अधिक प्राथमिकता

यातायात शाखा के पुलिस निरीक्षक प्रताप इंगले ने कहा कि शहर में दुर्घटना दर कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं। यातायात जाम कम करने के लिए सिग्नल व्यवस्था शुरू की गई है। नागरिकों से निवेदन है कि वे यातायात नियमों एका पालन करें और सुरक्षित ड्राइविंग को प्राथमिकता दें।

यातायात नियमों का पालन करना जरूरी

सहायक पुलिस निरीक्षक चंद्रकांत चातुरे ने कहा कि जिला यातायात शाखा दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए जागरूकता अभियान और दंडात्मक कार्रवाई जारी है, लेकिन सुरक्षित यातायात तभी संभव है जब वाहन चालक स्वयं नियमों का पालन करें।

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